ब्रेकिंग
नीलकंठ मिश्रा बने वर्ल्ड बैंक में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संतान प्राप्ति की इच्छा है? पुरुषोत्तम मास में श्रीकृष्ण को चढ़ाएं ये खास फल, निःसंतान दंपति को मिले... सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 क... मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 जून को पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी 22 बच्चों को करेंगे सम्म... मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैंसर पीड़ित महिला के उपचार हेतु स्वीकृत की 21.69 लाख रुपये की सह... बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l
मध्यप्रदेश

मां की डांट से दुखी होकर फांसी लगाने वाली छात्रा की उपचार के दौरान मौत

भोपाल। हबीबगंज इलाके में पिछले दिनों मां की डांट से दुखी होकर फांसी लगाने वाली नौंवी की छात्रा ने दो दिनों तक चले उपचार के बद हमीदिया अस्पताल में दमतोड़ दिया। छात्रा के बयान दर्ज करने की काफी कोशिश की,लेकिन उसकी हालत ऐसी नहीं थी। बयान दर्ज कराए जा सकें। हबीबगंज थाने के एसआइ एसआई कमल सिंह के मुताबिक ई-3 अरेरा कॉलोनी नुपुर कुंज में निवासी शिल्पी पाल (15) अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पिता जगदीश पाल मप्र सरकार के एक अधिकारी की कार चालक है। उनके मकान के सर्वेंट क्वाटर में वह रह रहते थे। 30 मार्च को मां ने नवरात्रि के भंडारे में न जाने की बात को लेकर उसे डांट दिया था। बाद में वह अपनी मां और छोटी बहन के साथ भंडारे में चली गई थी, बीच में वह घर आ गई थी। जब परिजन घर पहुंचे तो तो उसने मां की साड़ी का फंदा बांधकर फांसी लगा ली थी। इसी दौरान भंडारे से लौटी मां ने फांसी काट कर उसे एक निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां एक दिन उपचार किया गया, लेकिन जब तबियत बिगड़ने लगी तो उसे हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया था। यहां रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की मां बंगलों में साफ-सफाई और पिता ड्राइबर का काम करते हैं। इधर, बिलखिरिया थाना के हेड कांस्टेबल सुदीप राजपूत ने बताया कि ग्राम अमझरा निवासी मोहन नाथ पुत्र मुंशीनाथ (52) मेहनत-मजदूरी करता था। वह कल सुबह नौ बजे अपने घर से जंगल में महुआ बिनने निकला था। करीब आधा घंटे बाद उसकी पत्नी भी महुआ बिनने जंगल में पहुंची तो देखा मोहन नाथ पेड़ से बंधे रस्सी के फंटे पर लटका हुआ है। इसके बाद परिजनों ने उसे फंदे से काट कर घर पहुंचाया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अब तक की जांच में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस आज पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप देगी।

Related Articles

Back to top button