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धार्मिक

गढ़वाल क्षेत्र में भारी बर्फबारी केदारनाथ यात्रा के लिए 30 अप्रैल तक पंजीयन पर रोक

हिंदू धर्म में आस्था के केंद्र गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अब शुरू हो चुकी है। मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक 13 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। ऐसे में प्रशासन ने लिए क्राउड मैनेजमेंट के साथ मौसम से संबंधित परेशानियों का सामना करना भी एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि गढ़वाल क्षेत्र में तेज बारिश और भारी बर्फबारी के कारण ऋषिकेश और हरिद्वार में तीर्थ यात्रियों के लिए केदारनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण को 30 अप्रैल तक के लिए रोक दिया गया है। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को ही खोले जाएंगे।

यात्रा के लिए ऑनलाइन हो रहा पंजीयन

चारधाम की यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने इसके लिए एक आधिकारिक वेबसाइट भी शुरू की है। यदि किसी यात्री ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीयन नहीं कराया है तो श्रद्धालु हरिद्वार में बस स्टैंड के पास जिला पर्यटन केंद्र पहुंचकर भी ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन कराते समय श्रद्धालुओं को अपने साथ आधार कार्ड रखना बेहद जरूरी है।

होटल में प्री बुकिंग की सुविधा

चार धाम यात्रा मार्ग के होटल में भी प्री बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिन यात्रियों ने यात्रा के लिए होटल बुकिंग करवा ली है, लेकिन ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पाया है तो ऐसे यात्रियों के लिए फोन नंबर भी जारी किए गए हैं। चारधाम यात्रा के लिए टोल फ्री नंबर 1364 (उत्तराखंड से) या 0135-1364 या 0135-3520100 पर कॉल करके पंजीकरण किया जा सकता है।

यात्रियों की सुविधा के लिए हर जगह लगे हैं गाइडलाइंस बोर्ड

यात्रियों को चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो, इससे बचने के लिए उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने हर स्थान पर गाइडलाइंस बोर्ड लगा दिए हैं।

इन बातों की रखें सावधानी

– श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, दवा और जूते रखने की सलाह दी गई है।

– यात्रा के दौरान अचानक बारिश शुरू हो जाती है, इसलिए साथ में छाता भी जरूर रखें।

– वरिष्ठ नागरिक अपना हेल्थ चेकअप कराने के बाद ही चारधाम यात्रा के लिए निकलें।

मौसम विभाग ने जारी किया बारिश का अलर्ट

इधर मौसम विभाग ने चार धाम यात्रा के दौरान अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए पूरी तैयारी के साथ जाएं। पहाड़ी इलाकों में तापमान गिरने से ठंड बढ़ सकती है। चारधाम यात्रा मार्ग पर गुप्तकाशी से आगे बढ़ने पर मौसम लगातार खराब हो सकता है। केदारनाथ के रास्ते में कई जगह मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। गौरतलब है कि चारधाम यात्रा की शुरुआत से पहले ही केदारनाथ मंदिर के पास बने हेलीपैड पर एक हादसा हो गया। हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से एक एविएशन अधिकारी की जान चली गई है।

चार धाम यात्रा का हिंदू धर्म में महत्व

चार धाम यात्रा हिंदू धर्म की महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा है, जो भारत में अनेक परंपराओं से जुड़ी हुई है। इस यात्रा के चार स्थान हैं बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री। इन चारों स्थानों की यात्रा करना हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है और यहां बद्रीनाथ मंदिर है जो विष्णु भगवान को समर्पित है। केदारनाथ धाम उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है और यहां केदारनाथ मंदिर है जो शिव भगवान को समर्पित है। यमुनोत्री धाम उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है और यहां यमुना नदी का उद्गम स्थल है। गंगोत्री धाम उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है और यहां गंगा नदी का उद्गम स्थल है।

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