गुजराती समाज की नेक पहल… निराश्रित बुजुर्गों को 1500 रुपये मासिक पेंशन कन्याओं के विवाह के लिए 50 हजार की मदद

भोपाल। गुजराती समाज भोपाल सामाजिक बदलाव के लिए नित नए कदम बढ़ा रहा है। समाज के ऐसे बुजुर्ग जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, जिनके अपनों ने साथ छोड़ दिया है। ऐसे बुजुर्गों का खर्च समाज उठा रहा है। समाज ने बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। महीने की पहली तारीख को बुजुर्गों के बैंक खाते में पेंशन पहुंच जाती है। बुजुर्गों को यह पेंशन आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही है। फिलहाल गुजराती समाज के 15 जरूरतमंद बुजुर्ग पेंशन योजना का लाभ रहे हैं। हर महीने 1500-1500 रुपये बुजुर्गों को मिली रही हैं।
वहीं गुजराती समाज जरूरतमंद कन्याओं का विवाह करने के लिए कन्यादान योजना चला रहा है। एक बेटी के विवाह पर गुजराती समाज की ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। अब तक चार से पांच जरूरतमंद कन्याओं का विवाह गुजराती समाज करा चुका है। ऐसी बेटियां जिनके माता-पिता नहीं हैं, या आर्थिक रूप से कमजोर हैं। समाज के पदाधिकारी गुजराती समाज के लोगों के घर-घर जाते हैं। बेटियों जिनके विवाह होने हैं, उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाई जाती है।
गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल ने बताया कि कोरोना संक्रमण में कई लोगों ने अपनों को खोया हैं, उनकी मदद करने की कार्ययोजना बनाई है। बुजुर्गों की पेंशन योजना कारगर साबित हुई है। कन्यादान योजना भी अच्छी चल रही है। ये दोनों योजनाएं तब तक चलती रहेंगी, जब तक समाज के हर जरूरतमंदों का लाभ नहीं पहुंचा दिया जाता है।
ऐसे आता है बजट
गुजराती समाज का लिंक रोड क्रमांक-एक पर गुजराती भवन हैं। इसमें 20 कमरे हैं। भवन, गार्डन व कमरे विवाह समारोह व मांगलिक कार्यों के आयोजनों के लिए किराए पर दिया जाता है। इससे जो आमदनी होती है, वह राशि समाज के जरूरतमंद बुजुर्गों, महिलाओं के उत्थान के लिए खर्च की जाती है। जरूरतमंद समाज के लोगों के लिए गुजराती समाज भवन परिसर में एक कार्यालय भी है, जिन्हें मदद की जरूरत होती है, वे लोग कार्यालय आकर समाज के पदाधिकारियों से मिलते हैं। पहले उनकी जांच पड़ताल की जाती है, फिर मदद की जाती है।
सामाजिक गतिविधियों में भी आगे गुजराती समाज
शहर में गुजराती समाज के लोगों की संख्या 25 हजार से अधिक है। शहर के अलग-अलग इलाकों में गुजराती समाज के लोग रहते हैं। बुजुर्गों व बेटियों की आर्थिक मदद के अलावा गुजराती समाज रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य, नेत्र शिविर लगाने का काम करता है। अप्रैल व मई में आठ से 15 वर्ष के बच्चों के लिए जूडो-कराटे का शिविर, चित्रकला, निबंध लेखन, खेल सहित अन्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन गुजराती समाज कराता है।

