सिंधी समाज ने मनाया दाल पकवान दिवस नाश्ते में परोसे स्वादिष्ट व्यंजन

संत हिरदाराम नगर । सिंधी समाज ने अपनी पर्व परंपरा में दाल पकवान दिवस भी जोड़ दिया है। त्रिदिवसीय सिंधी भाषा दिवस के पहले दिन सोमवार को जहां कढ़ी चावल बनाकर व्यंजनों को बढ़ावा दिया गया, वहीं दूसरे दिन मंगलवार को दाल पकवान दिवस मनाया गया। घरों में मैदे और दालों के इस्तेमाल से स्वादिष्ट पकवान बनाए गए। समाज की नई पीढ़ी को सिंध के व्यंजनों की जानकारी देने के उद्देश्य से यह दिवस मनाने की शुरूआत दो साल पहले की गई थी।
देश भर में 10 अप्रैल को सिंधी भाषा दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारत सरकार ने सिंधी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कर मान्यता दी थी। इस बार समाज की महिलाओं ने भाषा दिवस के साथ ही कढ़ी चावल दिवस मनाया। दूसरे दिन 11 अप्रैल को दाल पकवान दिवस मनाने की अपील की गई थी। इस अपील का खासा असर नजर आया। समाज के अधिकांश घरों में सुबह के नाश्ते में दाल पकवान बनाए गए। मुंबई, रायपुर, उल्हासनगर, अजमेर, अहमदाबाद, सूरत एवं जयपुर आदि शहरों में भी दाल पकवान दिवस मनाया जा रहा है।
सिंधी महिला पंचायत की अध्यक्ष किरण वाधवानी के अनुसार इस दिवस को मनाने का उद्देश्य समाज की नई पीढ़ी को अपने व्यंजनों के बारे में जानकारी देना हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कीर्ति वाधवानी कहती हैं कि आजकल युवा पीढी पिज्जा बर्गर जैसे फास्ट फूड की दीवानी हो गई है। ऐसे समय में दाल पकवान का स्वाद लेने से युवाओं को महसूस हुआ है कि यह भी एक लजीज व्यंजन है। इस तरह वे अपने पारंपरिक खान-पान से भी जुड़ रहे हैं।
स्वाद के साथ मांग भी बढ़ गई
सिंधी समाज के पारंरपरिक व्यंजन दाल पकवान का स्वाद अब सभी समाज के लोग लेने लगे हैं। संत हिरदाराम नगर के अलावा राजधानी भोपाल में भी इसकी अनेक दुकानें हैं। बड़े होटलों पर भी इसे परोसा जाने लगा है। लोग दूर-दूर से इसका स्वाद चखने सिंधी बहुल इलाकों में जाते हैं। अब शादी-ब्याह जैसे मांगलिक अवसरों पर लोग नाश्ते में दाल पकवान एवं पोहा, जलेबी की व्यवस्था करने लगे हैं।


