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गर्मी से पिछले साल यूरोप में हुई 15 हजार लोगों की मौत जानिए भारत में क्या स्थिति है

कुछ दिन पहले मुंबई के खारघार में लू लगने से 15 लोगों की मौत हो गई। राज्य में हीट स्ट्रोक से एक साथ इतनी मौत का पहला मामला है। देश में लू से पहले भी कई लोगों ने जान गंवाई है। हालांकि यूरोप जिसे हम एक ठंडा क्षेत्र मनाते हैं। वहां लू से हजारों लोग मारे गए। यूरोप ने पिछले साल असामान्य तापमान का सामना किया। कुछ देशों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया। जिससे यूरोप में 15 हजार लोगों की मौत हुई। यह खुलासा विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की रिपोर्ट में हुआ है। WMO की रिपोर्ट 21 अप्रैल को सामने आई है। ऐसा पहली बार होगा जब एक सीजन में इतनी मौतें हुई हों।

स्पेन में 4600 मौते

हर साल तीन महीने में एक बार लू चलती है। 2022 में स्पेन में करीब 4600 मौते हुई हैं। WMO की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी में 4500, यूके में 2800, फ्रांस में 2800 और पुर्तगाल में 1 हजार मौतें दर्ज की गई।

यूरोप के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी

यूरोप के कई देशों में पिछले साल रिकॉर्ड हाई तापमान दर्ज किया गया। जर्मनी के शहर हैम्बर्ग में उच्चतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडे तापमान के लिए जाना जाने वाला देश स्वीडन भी गर्म रहा। पिछले साल 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।

2016 सबसे गर्म साल था

2022 में बीते वर्षों की तुलना में औसत वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी गई। यह 1850-1900 के तापमान रिकॉर्ड पर एवरेज है। WMO रिपोर्ट के अनुसार, 2016 अब तक का सबसे गर्म साल दर्ज किया गया था। जिसमें दुनिया का औसत तापमान 1.28 डिग्री सेल्सियस अधिक है। 2015 से 2022 तक पिछले 173 सालों में सबसे गर्म रिकॉर्ड किए गए।

इन ग्रैसों के कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ा

WMO ने ग्लोबल वार्मिंग के लिए कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड के लेवल में वृद्धि को इसका जिम्मेदार ठहराया है। कार्बन डाइऑक्साइड का स्तार 415 पीपीएम के पार चला गया है। मिथेन की मात्रा 1908 पीपीपी पहुंच गई है। 2020-21 में मीथेन में 18 पीपीबी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

लोग देश छोड़ने पर हुए मजबूर

रिपोर्ट में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण 95 मिलियन लोग विस्थापित हो चुके हैं। कुछ जगहों पर लोगों को अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में शरण लेनी पड़ी।

भारत में स्थिति क्या है?

ला नीना का असर अब कम हो गया है। साल 2023 को पिछले साल की तुलना में अधिक गर्म होने का अनुमान लगाया गया है। अल नीनो के कारण गर्मी बढ़ेगी और कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात हो सकते हैं। इस साल फरवरी का महीना भी गर्म रहा था। अप्रैल और आने वाले महीनों में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस साल बारिश सामान्य रहेगी।

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