रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026, सीएम विष्णु देव साय मुख्य अतिथि


छत्तीसगढ़ में उघोगों को महाकुंभ सजने वाला है. 18 से 20 सितंबर तक रायपुर में 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 होने जा रहा है. साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड में तीन दिवसीय औद्योगिक मेले का आयोजन किया जा रहा है. इसमें MSME, स्टार्टअप, निवेश, रोजगार और नवाचार को साझा मंच मिलेगा.
देशभर के उद्योगपति, उद्यमी, निवेशक और खरीदार रायपुर पहुंचेंगे. फेयर में उत्पाद एवं तकनीक प्रदर्शनी और निवेशकों से संवाद होंगे. वहीं, युवाओं के लिए जॉब प्लेसमेंट, उद्योगों और विद्यार्थियों को जोड़ने की तैयारी की जा रही है. स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को उत्पाद और बिजनेस आइडिया प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा.
सीएम विष्णु देव साय भी होंगे शामिल
रायपुर में होने वाले इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के उद्धाटन समारोह में सीएम विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हाेंगे. कार्यक्रम में उनके साथ उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन भी मौजूद रहेंगे. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री कृष्ण गोपाल के आने की संभावना जताई जा रही है. इस कार्यक्रम में देशभर से बड़े दिग्गज उद्योगपति भी शामिल हाेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ के निवेश और औद्योगिक विकास नई रफ्तार मिलेगी.
फेयर उद्योगों और बड़े बाजारों के बीच की दूरी कम करेगा
छत्तीसगढ़ में खनिज, कृषि और बिजली जैसे संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन स्थानीय छोटे और मध्यम उद्योगों के सामने बड़े खरीदारों तक पहुंच, आधुनिक तकनीक और नए निवेशकों से जुड़ने की चुनौती बनी रहती है. प्रस्तावित फेयर इन उद्योगों और बड़े बाजार के बीच की दूरी कम करने का काम करेगा. यहां स्थानीय कारोबारी देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले बड़े उद्योगपतियों, वितरकों और निवेशकों से सीधे संवाद कर सकेंगे. इससे उन्हें नए कारोबारी अवसर तलाशने और अपने उत्पादों को दूसरे राज्यों के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.
स्टार्टअप के लिए बनेंगे नए अवसर
फेयर में स्टार्टअप और युवा उद्यमियों के लिए भी खास अवसर उपलब्ध होंगे. वे अपने उत्पादों, नए विचारों और कारोबारी योजनाओं को उद्योग जगत के अनुभवी लोगों और निवेशकों के सामने रख सकेंगे. संभावित कारोबारी साझेदारों से संपर्क के साथ उन्हें बाजार की जरूरत, निवेश, तकनीक और कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी मिल सकेगा. इससे नए उद्यमों को अपनी पहचान बनाने और विस्तार का रास्ता मिल सकता है.
फेयर में देखने को मिलेगी राज्य की सांस्कृतिक पहचान
व्यापारिक गतिविधियों के साथ इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी देखने को मिलेगी. मेले के तीनों दिनों में रात के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रदेश के लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुति होगी. देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले मेहमानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को इस दौरान छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता के साथ उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित होने का अवसर मिलेगा.

