बिरगांव में पेयजल संकट शुरू सात पानी टंकियां अधूरी

रायपुर। गर्मी के शुरुआती होते ही बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में पेयजल का संकट शुरू हो जाता है। लोगों का राहत देने के लिए निगम ने टैंकर से पानी सप्लाई करने के लिए एक करोड़ का टेंडर जारी किया है लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए समुचित प्रयास नहीं किया जा रहा है। बिरगांव में नौ पानी टंकियां बनाई जानी प्रस्तावित है, जिसमें से अब तक एक भी पूरी नहीं हो पाई है।
निगम प्रबंधन का कहना है कि रावाभांठा और आडवानी स्कूल के पास पानी टंकी बनकर तैयार है। 30 मार्च तक दोनों टंकियों से पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी। बीरगांव नगर निगम में वर्तमान में कुल 40 वार्डों में 750 बोर हैं, जिसमें से पचास प्रतिशत से अधिक बोर सूख गए हैं।
गौरतलब है कि करीब दो साल पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पेयजल समस्या के स्थायी समधान के लिए जल प्रदाय योजना के अंतर्गत 104 करोड़ 23 लाख रुपये की मंजूरी दी थी। इससे नया फिल्टर प्लांट, पानी टंकी बनाने के साथ पाइपलाइन बिछाने का काम किया जाना था। अधिकारियों का कहना है कि रावाभांठा में दो, बीरगांव में दो, उरला में एक, सरोना में एक, अछोली में एक, उरकुरा में एक व एक अन्य जगह पर एक पानी टंकी बनाई जानी है।
रावाभांठा और आडवानी स्कूल के पास पानी की टंकी बनकर तैयार हो गई है। जबकि अन्य जगहों पर अब तक 50 प्रतिशत से भी कम काम हो पाया है। प्लांट की 17 एमएलडी बढ़ेगी क्षमतावर्तमान में बिरगांव नगर निगम के फिल्टर प्लांट की क्षमता 14 एमएलडी है, जिसे 17 एमएलडी किया जाना है। फिल्टर प्लांट की क्षमता कम होने से गर्मी शुरू होते ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। पानी के लिए महिलाओं को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
बिरगांव में पेयजल के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किया जा रहा है। नौ में से दो पानी टंकियां पूरी तरह से तैयार है, जिससे 30 मार्च तक पेयजल की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। इससे 70 प्रतिशत पेयजल का संकट समाप्त हो जाएगी। इकराम अहमद, अध्यक्ष, जल कार्य विभाग, बिरगांव

