ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट में तय सुनवाई टल गई है, भोपाल में रहवासी इलाकों व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण खड़े हनुमान मंदिर को लेकर बढ़ा विरोध, उमा भारती ने CM से कहा- निकालें बीच का रास्ता मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर,दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, 36वें दिन कमाई 200 करोड़ के पार PM मोदी के जन्मदिन पर MP सरकार का बड़ा तोहफा, 17 सितंबर से 50 लाख लोगों की होगी फ्री रजिस्ट्री रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026, सीएम विष्‍णु देव साय मुख्‍य अतिथि हाईकोर्ट सख्त, 7 दिन में दिखाने होंगे अनुमति के दस्तावेज, भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रहे मॉल-हो... दिल्ली में नितिन नवीन से नरोत्तम मिश्रा की मुलाकात, एमपी में सियासी हलचल तेज भोपाल मास्टर प्लान को CM Mohan Yadav की सैद्धांतिक मंजूरी,जन्माष्टमी पर जारी हो सकता है ड्राफ्ट नगर निगम ने शुरू की सीलिंग,भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे कमर्शियल अड्डों पर बड़ी कार्रवाई
टेक्नोलॉजी

Ai का अगला कदम हो सकता है Text-to-Video,चैटजीपीटी से कितना होगा अलग

नई दिल्ली। अपनी शुरुआत के साथ से ही ChatGPT ने काफी शौहरत कमाई है। जब जेनेरेटिव एआई की बात आती है, तो आज चैटजीपीटी का नाम सबसे ऊपर आता है। हालांकि, चैटजीपीटी जैसे भाषा मॉडल से परे जनरेटिव की दुनिया में और भी बहुत कुछ मिलता है। बता दें कि टेक्स्ट-टू-इमेज पहले से ही मुख्यधारा की बातचीत का हिस्सा बन रहा है, लेकिन बैकग्राउंड में जेनेरेटिव एआई एक ऐसा टूल है, जो टेक्स्ट को वीडियो में बदलने में सक्षम है। आइये इसके बारे में जातने हैं।

क्या है टेक्स्ट-टू-वीडियो AI?

जैसे कि हम जानते हैं कि AI अब कुछ भी करने में सक्षम है। ऐसे में अगर आप टेक्स्ट-टू-वीडियो AI को समझना चाहते हैं तो जानना होगा कि जनरेटिव AI कैसे काम करती है। इसकी मदद से आप केवल अपने शब्दों के आधार पर एआई-संचालित वीडियो उत्पन्न कर सकते हैं।। यूएस-आधारित स्टार्टअप रनवे ने अपने जेन-2 मॉडल का प्रदर्शन किया, जो एक या दो कैविएट के साथ ऐसा करने में सक्षम है।

बड़ी कंपनियां कर रही है काम

बता दें कि बड़ी कंपनियां भी इसका हिस्सा है। सितंबर 2022 में मेटा ने टूल मेक-ए-वीडियो का प्रदर्शन किया, जो केवल कुछ शब्दों या टेक्स्ट की पंक्तियों के साथ, मेक-ए-वीडियो जनरेटिव एआई का उपयोग करके वीडियो बनाता है, लेकिन उन वीडियो में कोई आवाज नहीं होती है।

मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इसके बारे में क्या कहा था कि फोटो की तुलना में वीडियो बनाना बहुत कठिन है, क्योंकि प्रत्येक पिक्सेल को सही ढंग से जनरेट करने से परे, सिस्टम को यह भी अनुमान लगाना होगा कि वे समय के साथ कैसे बदलेंगे।

इसके ठीक एक सप्ताह के अंदर Google ने एक ऐसे ही मॉडल की घोषणा की। Google के जनरेटिव AI मॉडल को Imagen Video कहा जाता है। ये टेक्स्ट प्रॉम्प्ट दिए जाने पर, इमेजन वीडियो बेस वीडियो जनरेशन मॉडल और इंटरलीव्ड स्थानिक और अस्थायी वीडियो सुपर-रिजाल्यूशन मॉडल का उपयोग करके हाई डेफिनिशन वीडियो उत्पन्न करता है। इसके अलावा Google ने फेनाकी नामक एक अन्य मॉडल भी पेश किया, जिसका उद्देश्य टेक्स्ट इनपुट के आधार पर लंबे-चौड़े वीडियो बनाना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button