ब्रेकिंग
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l प्रधानमंत्री मोदी जी के सेवा, सुरक्षा और सुशासन के स्वर्णिम 12 साल सुप्रीम कोर्ट सख्त: फैसले लटकाए तो जवाब देना होगा अब फ्री में नहीं चला सकेंगे Facebook, Instagram और व्हाट्सऐप, Meta ने लॉन्च किया रिचार्ज प्लान सुशासन तिहार से सुखराम के चेहरे पर लौटी मुस्कान 5 घरेलु मसाले जो इम्युनिटी बढ़ने में रामबाण से कम नहीं – जानें इस्तेमाल करने का तरीका मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड क्यों महत्वपूर्ण है।
मुख्य समाचार

भोपाल में शिक्षकों की डबल ड्यूटी लगा दी, DEO कहते हैं दोनों करना पड़ेंगी

मध्य प्रदेश में एक मामला अभी जांच में है, जिसमें डॉक्यूमेंट के साथ आरोप लगाया गया है कि, चुनाव और जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के काम में ड्यूटी लगाने वाला बाबू, रिश्वत लेकर ड्यूटी बदल देता था और कई कर्मचारियों को केवल तंग करने के लिए ड्यूटी लगता था। भोपाल में भी कुछ ऐसा ही दिखाई दे रहा है। कई शिक्षकों की जनगणना और परीक्षा दोनों में ड्यूटी लगा दी गई है, जबकि कई शिक्षक छुट्टी मना रहे हैं।

जनगणना के काम को लेकर कर्मचारी, पहले से ही परेशान है। सारी जानकारी सॉफ्टवेयर में एक बार में भरना है। दूसरा मौका नहीं मिलेगा और यदि कोई गलती हो गई तो नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। जनगणना अधिनियम के तहत जेल भेजने का प्रावधान भी है और इसी अधिनियम के तहत जनगणना ड्यूटी से इनकार भी नहीं कर सकते। भोपाल में जिन शिक्षकों को जनगणना के काम में लगाया गया है, उनमें से कई शिक्षकों को कक्षा 10 एवं 12 की वार्षिक परीक्षा के सेकंड राउंड में भी ड्यूटी पर लगा दिया गया है। अब एक शिक्षक एक समय में दो जगह उपस्थित कैसे हो सकता है। इस बारे में भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र अहिरवार का कहना है कि, दोनों काम जरूरी है और जिसकी ड्यूटी लगी है उसे अपनी ड्यूटी करनी पड़ेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button