ब्रेकिंग
नीलकंठ मिश्रा बने वर्ल्ड बैंक में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संतान प्राप्ति की इच्छा है? पुरुषोत्तम मास में श्रीकृष्ण को चढ़ाएं ये खास फल, निःसंतान दंपति को मिले... सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 क... मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 जून को पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी 22 बच्चों को करेंगे सम्म... मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैंसर पीड़ित महिला के उपचार हेतु स्वीकृत की 21.69 लाख रुपये की सह... बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l
देश

संजू त्रिपाठी हत्याकांड-अंतिम दिन पुलिस ने न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में पेश किया चालान

बिलासपुर। संजू त्रिपाठी हत्याकांड का आज 90 वां दिन है। आखिरी दिन सिविल लाइन पुलिस ने न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी डा सुमित सोनी के कोर्ट में चालान पेश किया है। 1500 पृष्ठों के चालान में हत्याकांड में शामिल 19 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इसमें 54 गवाहों और उनके द्वारा दिए गए बयान का भी खासतौर पर उल्लेख किया गया है।

संजू त्रिपाठी हत्याकांड को हुए शुक्रवार को 90 दिन पूरे हो रहे थे। यह अवधि पुलिस के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण थी। तय अवधि में चालान पेश करना सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती है। यही कारण है कि सिविल लाइन पुलिस ने तय अवधि के आखिरी दिन शुक्रवार को हत्याकांड के संबंध में 1500 पेज चालान पेश किया। सभी पन्न्ों को फाइलों में नंबरिंग के साथ रखा गया था। इसमें हत्याकांड में शामिल 19 लोगों को आरोपित बनाया गया है। आरोपित बनाए गए सभी 19 लोगों के खिलाफ पुख्ता अभियोजन तैयार किया गया है। इसके लिए 54 गवाहों का बयान भी इसमें शामिल किया गया है। हत्याकांड में शामिल आरोपितों के अलावा हत्या के प्रमुख आरोपितों के रूप में संजू के स्वजनों को शामिल किया गया है। चालान में हत्या के लिए प्रयुक्त हथियार और जगह का नक्शा खसरा भी पेश किया है। गवाहों के बयान को भी चालान में प्रमुखता के साथ पेश किया गया है। चालान के लिए 90 दिन की अवधि पहले से ही तय की गई है। तय समयावधि में पुलिस को चालान पेश करना होता है। तय समयावधि में चालान पेश करने की स्थिति में इसका लाभ आरोपित उठा ले जाते हैं। आजीवन कारावास या मृत्युदंड के सजा से दंडनीय अपराध के दंडितों को जमानत लेने की सुविधा मिल जाती है। तय प्रविधान के अनुसार वे कोर्ट से जमानत लेने के अधिकारी हो जाते हैं। इन्हीं सब कारणों और प्रविधान में दी गई व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन मेंे आज अंतिम दिन चालान पेश कर दिया है।

अब क्या होगा

पुलिस ने न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के अदालत में चालान पेश कर दिया है। अब मामला सेशन कोर्ट जाएगा। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी द्वारा मामले को सेशन कोर्ट को रेफर किया जाएगा। सेशन कोर्ट इस मामले की खुद सुनवाई करेगा या फिर अधिनस्थ न्यायालय को सुनवाई के लिए मामला रेफर कर देगा। इसके बाद इस मामले की कोर्ट में सुनवाई प्रारंभ होगी।

Related Articles

Back to top button