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निर्वाचन आयोग ने लिया बड़ा फैसला, सुनकर हो जाएंगे खुश

बेंगलुरु । निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि उसने कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनावों में 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और दिव्यांगों के लिए घर से मतदान (वोट-फ्रॉम-होम) की सुविधा शुरू की है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पहली बार निर्वाचन आयोग 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को यह सुविधा देने जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम फॉर्म-12डी के साथ ऐसे मतदाताओं के पास जाएंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि हम 80 साल से अधिक उम्र के लोगों और इस सुविधा का लाभ नहीं लेने वाले लोगों को मतदान केंद्र पर आने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।’’ कुमार ने कहा कि इस संबंध में गोपनीयता बरती जाएगी और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन ‘सक्षम’ शुरू किया गया है, जिसमें वे लाग इन कर सकते हैं और मतदान करने की सुविधा का चयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक अन्य मोबाइल एप्लिकेशन, ‘सुविधा’ विकसित की गई है, जो उम्मीदवारों के लिए नामांकन और शपथ पत्र दाखिल करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल है। कुमार ने कहा, ‘‘उम्मीदवार बैठकों और रैलियों की अनुमति लेने के लिए ‘सुविधा’ पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लाभ के लिए ‘अपने उम्मीदवार को जानें’ (केवाईसी) नामक एक अभियान भी शुरू किया है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि 224 निर्वाचन क्षेत्रों वाले राज्य में अनुसूचित जाति के लिए 36 सीट और अनुसूचित जनजाति के लिए 15 सीट आरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यहां 5.21 करोड़ मतदाता हैं जिनमें 2.59 महिला मतदाता हैं। चुनाव की संभावित तिथि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह 24 मई से पहले कराया जाना है, जब मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

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