ब्रेकिंग
नीलकंठ मिश्रा बने वर्ल्ड बैंक में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संतान प्राप्ति की इच्छा है? पुरुषोत्तम मास में श्रीकृष्ण को चढ़ाएं ये खास फल, निःसंतान दंपति को मिले... सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 क... मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 जून को पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी 22 बच्चों को करेंगे सम्म... मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैंसर पीड़ित महिला के उपचार हेतु स्वीकृत की 21.69 लाख रुपये की सह... बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम अब होगा ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’, ईसी से प्रस्ताव मंजूर सुशासन तिहार शिविर...78 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा:मंदिर हसौद में राशन कार्ड, आधार और श्रम कार्ड ... लाखों टन दुर्लभ खनिज की संभावना,छत्तीसगढ़ में देश की पहली ‘निकल-कॉपर’ खदान में 1.3 किमी तक भंडार मिल... सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी, एमपी में यूसीसी जल्द लागू होगी l
देश

एक हफ्ते में 79 बढ़े कोरोना मरीज इन 7 राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा

देश में कोरोना महामारी का खतरा एक बार फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देशभर में 5,676 नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 37,093 हो गई है।

साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पिछले 7 दिन के भीतर कोरोना के मरीजों में 79 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। 3 अप्रैल से 9 अप्रैल के हफ्ते में कोरोना से मरने वालों की संख्या 68 रही, जो उससे पहले के 41 मामले से अधिक है।

साप्ताहिक रूप से जिन प्रदेशों में कोरोना का प्रकोप बढ़ा हैं, उनमें शामिल हैं केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश। सबसे ज्यादा हालात केरल में खराब नजर आ रहे हैं। 3 से 9 अप्रैल के बीच यहां 11,296 केस सामने आए, जो इससे पहले हफ्ते (27 मार्च से 2 अप्रैल) के बीच 4660 थे।

तीन वर्ष पहले कोरोना के इलाज में एंटीबायोटिक और दूसरी दवाइयों के अंधाधुंध इस्तेमाल से स्वास्थ्य की नई समस्याएं पैदा हो गईं, लेकिन इस बार डॉक्टर सतर्क हैं। यही कारण है कि सामान्य खांसी बुखार व वायरल संक्रमण की तरह ही कोरोना के हल्के संक्रमण का इलाज किया जा रहा है।

फोर्टिस अस्पताल के पल्मोनरी मेडिसिन के विशेषज्ञ डा. विकास मौर्या ने कहा कि कोरोना से संक्रमण से ज्यादातर लोगों को हल्की बीमारी हो रही है। मरीजों को 100 से 103 डिग्री तक बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश की समस्या देखी जा रही है।

बुजुर्ग व पुरानी बीमारियों से पीड़ित कुछ मरीज कोरोना के संक्रमण के कारण भर्ती हो रहे हैं। हल्की बीमारी से पीड़ित मरीजों को लक्षण के आधार पर बुखार, खांसी, एलर्जी की दवाएं दी जा रही है। कोई एंटीबायोटिक व एंटीवायरल दवाएं नहीं दी जा रही है। किसी मरीज को फेफड़े में संक्रमण पाए जाने पर जरूरत के मुताबिक रेमडेसिवीर दवा दी जा रही है

Related Articles

Back to top button