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बाहर का खानपान बना रहा लोगों को ह्दयरोगी

ग्वालियर। बाहर का खानपान और अनिद्रा ह्दयरोगी बना रहे हैं। रात में अधिक समय तक जागना और बाहर का पीजा बर्गर का सेवन करना परेशानी का कारण बन रहा है। क्योंकि फास्टफूड का अधिक सेवन आपके शरीर में क्लोरी की मात्रा को तेजी से बढ़ाता है। यह आपको बीपी और शुगर की समस्या दे सकता है। इसलिए प्रयास करें कि बाहर का खान पान न करें। यह कहना था ह्दयरोग विशेषज्ञ डा गौरव कवि भार्गव का। डा भार्गव का कहना था कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की दिनचर्या काे प्रभावित किया है। खराब दिनचर्या के कारण कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां लोगों में देखी जा रही है।

बदलती जीवनशैली बुरे स्वास्थ्य का प्रमुख कारण है। अब लोग घर से अधिक बाहर का भोजन सेवन करने में रुचि लेते हैं। जबकि शुद्ध भोजन केवल घर का ही हो सकता है। मिलावटी भोजन,भोजन में खराब तेल का उपयोग ह्दयसंबंधी परेशानियां भी दे रहा है। देखा भी जा रहा है कि लोग युवा सबसे अधिक हृदय संबंधी बीमारियां की गिरफ्त में आ रहे हैं। उसका कारण ही बदलती जीवनशैली है। इस कारण से उच्च रक्तचाप के शिकार भी लोग तेजी से बन रहे हैं। हर दूसरा व चौथा व्यक्ति इन समस्याओं से ग्रस्त है। कमा का दवाब दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हाइपर टेंशन,बीपी, सिर दर्द, सीने में दर्द आदि की परेशानियां हर वर्ग में देखी जा रही है। महिलाएं व पुरुष सभी इसकी गिरफ्त में है। गर्भावस्था के दिनों में बीपी की शिकायत देखी जाती है। कुल मिलाकर तनाव बीपी काे बढ़ाता है। खराब खान पान के कारण धमनियां में फेट जमा हो जाता है और रक्त का प्रवाह अवरुध होने लगता है।

जब कभी धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है, इस दबाव के बढ़ने से रक्त का प्रवाल को बनाए रखने के लिए हृदय को अतिरिक्त कार्य करना, का निर्धारण करने के लिए हृदय की मांसपेशियों का संकुचन (सिस्टोलिक प्रेशर) एवं शिथिलता (डायस्टोलिक प्रेशर) यह सामान्यतः 120/80 मन जाता है। उम्र बढ़ने के साथ यह भी थोड़ा बढ़ता है, पर जब यह 130/90 के ऊपर हो जाता है तो इसे उच्च रक्तचाप कहते हैं। रक्तचाप बढ़ने के प्रमुख लक्षण चककर आना, सिर दर्द, कानों में गूंज सुनाई देना, सिर घूमना, धुंधला दिखना दोशी छाना इत्यादि होते हैं। रक्तचाप का नियंत्रण आहार पर बहुत निर्भर करता है। इस अवस्था में मरीज को ज्यादा पोटेशियम युक्त आहार परंतु कम सोडियम युक्त आहार लेना चाहिए। प्रतिदिन 10-12 गिलास पानी पीना चाहिए, नमक कम लेना चाहिए।

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