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साहस व सावधानी की प्रतीक है गौरैया घर में आना होता है शुभ

विश्व गौरैया दिवस को गौरैया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल मनाया जाता है। शहरी वातावरण में रहने वाले आम पक्षियों के प्रति जागरूकता लाने के लिए भी विश्व गौरैया दिवस हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है। हमारे घर की छत, आंगन में दिखने वाली गौरैया की संख्या लगातार कम हो रही है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर इस नन्हीं चिड़िया के संरक्षण के लिए “विश्व गौरैया दिवस” मनाया जाता है।

वास्तु में शुभ माना जाता है गौरैया का प्रवेश

वास्तु शास्त्र के मुताबिक गौरैया का मनुष्य जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। गौरैया जिस घर में अपना घोंसला बनाती है, वहां सभी तरह के वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। घर की उत्तर दिशा और ईशान कोण में गौरैया अपना घोंसला बनाती है, तो यह अत्यंत शुभ होता है।

बिगड़े काम बना देती है गौरैया

गौरैया घर के बिगड़े काम बनाने लगती है। हिंदू धर्म ग्रंथों में गौरैया पक्षी साहस और सावधानी के प्रतीक के रूप में माना जाता है। जीवन की परेशानियों में साहस के प्रतीक गौरैया को माना गया है। गौरैया से सीखा जा सकता है कि कैसे वह सुबह जल्द उठकर हर रोज संघर्ष करती है। इसके अलावा गौरैया को लेकर यह भी मान्यता है कि यह पक्षी जिस घर में आते हैं, वहां सद्भावना का संदेश लेकर आते है। यदि कोई गौरैया घर की खिड़की में आकर बैठती है तो इसे परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है।

खुली सोच व विश्वास की प्रतीक है गौरैया

खुले आकाश में उड़ने वाले वाली गौरैया को खुली सोच और विश्वास का प्रतीक भी माना गया है। यह बताती है कि जीवन में कैसे परेशानियों से लड़कर उनसे छुटकारा पाया जा सकता है। गौरैया हमारे घर में पाए जाने वाले छोटे-छोटे रोगजनित जीव-जंतुओं को खाकर हमें कई बीमारियों से भी बचाती है।

कभी न तोड़े गौरैया का घोंसला

धार्मिक व वास्तु मान्यताओं के मुताबिक चिड़िया का घोंसला बनाना बहुत ही शुभ माना जाता है। कभी भी किसी चिड़िया के घोंसले को नष्ट नहीं करना चाहिए। गौरैया के घोंसले को सुरक्षित करने से आपके आगमन से जीवन के भाग्य में सुधार होता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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