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अधिवक्ता द्वारा जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य की नियुक्ति के संबंध में प्रस्तुत याचिका को उच्च न्यायालय ने किया खारिज

बिलासपुर। अधिवक्ता अजय कुमार द्विवेदी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए अयोग्य पाए जाने को चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी आपत्ति के साथ ही याचिका को खारिज कर दिया है।

याचिककर्ता अधिवक्ता ने अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने उपभोक्ता फोरम सदस्य के रूप में नियुक्ति हेतु आवेदन किया था, जिसे जिला न्यायाधीश / जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र के आभाव में निरस्त कर दिया गया। उनका कहना था कि उनके द्वारा उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया था जो कि मान्य है।

प्रथम सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने जिला उपभोक्ता फोरम कोरबा में सदस्यों की नियुक्ति पर रोक लगा दिया था। राज्य सरकार ने अपना जबाव पेश कर बताया कि केंद्र सरकार का उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अनुसार उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 बनाया गया जिसमें जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य की नियुक्ति के संबंध में प्रावधान है।

पूरे प्रदेश में उपभोक्ता फोरम सहित अन्य फोरम में सदस्यों की नियुक्ति में विलंब होने से माननीय उच्चतम न्यायालय ने अपने संज्ञान में लेते हुए समस्त राज्य को नोटिस जारी कर दो माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के संबंध में निर्देश दिया गया था।

उपभोक्ता संरक्षण नियम के तहत उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर नियुक्ति समिति का गठन किया जिसमें जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाया गया। नियुक्ति के विज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख है कि आर्हता के साथ साथ जिला न्यायाधीश जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा जारी कार्य अनुभव प्रमाण पत्र आवश्यक होगा।

जिला न्यायाधीश जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा जारी कार्य अनुभव प्रमाण पत्र के संबंध में बैठक 18 जून 2022 के द्वारा नियुक्ति के संबंध में प्रक्रिया का निर्धारण एवं विज्ञापन का प्रकाशन किया गया नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरा न होने के कारण 14 मार्च 2023 को उच्चतम न्यायालय ने 11 राज्यों जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है, को निर्देश दिया था कि चार सप्ताह के भीतर जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य के रूप में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण किया जाये।

अन्यथा मुख्य सचिव अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित होंगे । उक्त प्रकरण उच्च न्यायालय के एकल पीठ जस्टिस एनके व्यास के समक्ष हुई। जिसमें अजय कुमार द्विवेदी की और से श्याम सुंदर लालचंदानी एवं राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता संदीप दुबे उपस्थित हुए।

सुनावाई के दौरान के द्वारा यह पाया कि जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य के रूप में नियुक्ति की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि नही है एवं जिला विधिक प्राधिकरण जिला न्यायाधीश द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र इसलिए आवश्यक है कि जिला न्यायालय में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं को जिला उपभोक्ता फोरम सदस्य के रूप में नियुक्त किया जा सके।

साथ ही साथ जिला न्यायाधीश को प्रत्येक अधिवक्ता के संबंध में जिला अधिवक्ता संघ द्वारा जानकारी प्रदाय किया जाता है। मामले की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने अजय कुमार द्विवेदी अधिवक्ता द्वारा जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य के रूप में नियुक्ति के संबंध में प्रस्तुत याचिका को निरस्त कर जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य के रूप में नियुक्ति का रास्ता साफ किया। अब राज्य शासन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण कर पायेगी।

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