प्लेसमेंट के लिए विश्व स्तर की कंपनियों की पसंद बने आइआइएम रायपुर के छात्र मिल रहे हैं बड़े आफर

रायपुर। प्लेसमेंट प्रक्रिया के बीच इंटर्नशिप और नौकरी आफर के मामले में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) रायपुर देश ही नहीं, विश्व स्तर की कंपनियों की पसंद बन चुका है। प्रबंधन के अनुसार इस वर्ष बड़ी संख्या में यहां के छात्र मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ ही शासकीय संस्थानों में भी बड़े पदों पर पहुंचे हैं। इंटर्नशिप में दो महीने के लिए दी जाने वाली उच्चतम राशि 3.5 लाख रही। शीर्ष 10 प्रतिशत छात्रों के लिए औसत राशि 2.79 लाख, शीर्ष 25 प्रतिशत छात्रों के लिए 2.43 लाख और 50 प्रतिशत छात्रों के लिए औसत 2.11 लाख रुपये रही। 17 छात्रों ने कैंपस के बाहर प्लेसमेंट का विकल्प चुना। इनके द्वारा प्रस्तावित उच्चतम राशि 3.50 लाख रुपये रही।
शोध के क्षेत्र में संस्थान ने किया है बड़ा निवेश
आइआइएम प्रबंधन ने बताया कि संस्थान ने शोध के क्षेत्र में बहुत ज्यादा निवेश किया है। यहां के फैकल्टी और छात्र नियमित रूप से उच्च श्रेणी की पत्रिकाओं में रिसर्च पेपर प्रकाशित करते हैं। यहां उत्कृष्टता केंद्र, नवाचार और उद्यमिता केंद्र, ऊर्जा प्रबंधन केंद्र और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रहा आइआइएम रायपुर
आइआइएम रायपुर सामाजिक जिम्मेदारी के लिए पहल करने के साथ ही विभिन्न आउटरिच गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रही है। बढ़ती सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए संस्थान ने कई सरकारी एजेंसियों, गैर सरकारी संगठनों और निजी संगठनों के साथ हाथ मिलाए हैं। छात्रों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें देश और समाज सेवा के लिए हर मोर्चे पर तैयार किया जा रहा है। यही कारण है कि यहां के छात्र बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
500 प्रबंध संस्थानों में आइआइएम रायपुर अव्वल
हाल ही में देश के 500 प्रबंध संस्थानों की रैंकिंग में भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) रायपुर को पहला स्थान मिला है। यह रैंकिंग शैक्षणिक उत्कृष्टता, आधुनिक शोध और सामाजिक रूप से जिम्मेदार पहल के प्रति संस्थान को दिया गया है। भारत सीएसआर जीएचआरडीसी बी स्कूल रैंकिंग-2022 शैक्षणिक क्षेत्रों में सबसे सम्मानित पुरस्कार है। यह चयन सेंटर फार सस्टेनेबिलिटी (सीएसआर) और ग्लोबल ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर (जीएचआरडीसी) दो प्रसिद्ध संस्थानों द्वारा किया गया है।
सीखने और सिखाने के तरीके बदले
प्रबंधन ने बताया कि कोविड-19 महामारी के बीच सीखने और दूसरों से जुड़ने के तरीके बदले। एंड्रागाजिकल टूल्स, सिमुलेशन और डिजिटल जुड़ाव का उपयोग करके एडल्ट लर्निंग (प्रौढ़ शिक्षा) शुरू की है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा नवाचार होता रहा।
रायपुर आइआइएम के निदेशक डा. रामकुमार काकानी ने कहा, इंटर्नशिप के साथ ही नौकरी पाने वालों में आइआइएम रायपुर के छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। छात्रों को शिक्षा के साथ ही कौशल विकास, नवाचार के माध्यम से देश और विश्वस्तर पर नीति निर्धारक के तौर पर तैयार किया जा रहा है।

