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टोबैको मानिटरिंग एप के महत्व को जानेंगे अधिकारी और कर्मचारी ई-सिगरेट व हुक्का के हानिकारक प्रभावों से होंगे जागरुक

रायपुर।  युवाओं और लोगाें के बीच ई-सिगरेट और हुक्का बार के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा किया जाएगा। इसके साथ-साथ सरकार द्वारा उनके विक्रय को प्रतिबंधित करने के लिए लागू किए गए कानूनों पर चर्चा करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से 27 मार्च को सर्किट हाउस में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों को कोटपा एक्ट 2003, कोटपा छत्तीसगढ़ (संशोधन) अधिनियम 2021 (हुक्का बार कानून) एवं ई-सिगरेट प्रतिबंध अधिनियम 2019 के प्रावधानों की विशेष जानकारी देकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि तम्बाकू उत्पाद प्रतिबंध की नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करने में सहुलियत हो सके। इस संबंध में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं भीम सिंह ने प्रदेश के विभिन्न विभागों, संस्थानों के प्रमुखों को पत्र लिखकर कार्यशाला में शामिल होने का आग्रह किया है।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डा. कमलेश जैन ने बताया जिला स्तर पर तम्बाकू नियंत्रण के लिए समय-समय पर चालानी कार्रवाई की जाती है। लोगों को तम्बाकू की लत छुड़ाने के लिए सभी जिला चिकित्सालयों में तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्र संचालित हैं। बावजूद इसके प्रदेश में 13 वर्ष से 15 वर्ष आयु समूह के लगभग आठ प्रतिशत बच्चे तम्बाकू के नशे की चपेट में आ चुके हैं। राज्य की कुल 39.1 प्रतिशत आबादी तम्बाकू का उपयोग करती है। इस पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाने के लिए राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थाओं को तम्बाकू मुक्त किया जाना है। इसके लिए ‘टोबैको मानिटरिंग ऐप’ के माध्यम से भी मानिटरिंग हो रही है। कार्यशाला में तंबाकू उत्पाद प्रतिबंध कानून के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएगी।

इन विभागों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में शिक्षा विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, आबकारी विभाग, लोक अभियोजन छत्तीसगढ़, श्रम विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, परिवहन विभाग, जनसंपर्क विभाग, राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र, एम्स, महिला एवं बाल विकास विभाग, मेडिकल कालेज रायपुर, समाज कल्याण विभाग, भारतीय दंत चिकित्सा संघ, उद्योग विभाग एवं भारतीय चिकित्सा संघ आदि के प्रतिनिधि शामिल होंगेा

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