ट्रेन में पत्थर न मारने की समझाइश नहीं तो होगी कार्रवाई

बिलासपुर। इंडिया स्टोन पेल्टिंग ड्राइव के अभियान के क्रम मे सहायक उप निरीक्षक एएस यादव मातहत बल सदस्यों के साथ रेसुब पोस्ट बिलासपुर के क्षेत्राधिकार मे चिहित ब्लैक स्पाट एरिया तारबहार फाटक एवं रेललाईन किनारे बसे बस्ती के लोगों के मध्य जाकर चलती रेल गाड़ियों के उपर पत्थर नहीं फेकने की समझाइश दी। स्टोन पेल्टिंग से गाड़ी में यात्रा कर रहे यात्री की जान को भी खतरा होने की बात कहीं गई।
स्टोन पेल्टिंग से होने वाले रेलवे संपत्ति के नुकसान तथा किसी व्यक्ति की जान को भी खतरा होने के बारे में विस्तार से बताया गया। लोगो ने आश्वस्त भी किया कि इस तरह की घटना से दूर रहेंगे और यदि कोई करता है तो इसकी सूचना भी देंगे, ताकि उन पर सख्त कार्रवाई हो सके। ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटना बढ़ गई है। ऐसा अकेले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में नहीं हो रहा है, बल्कि दूसरे रेलवे में भी इस तरह की घटनाएं हो रहीं है। इसे रेलवे बोर्ड ने गंभीरता से लिया है। यही वजह है कि सभी जोन को एक महीने का जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसमे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भी शामिल है। जोन से सभी रेल मंडल को निर्देश है। बिलासपुर रेल मंडल में अभियान की शुरुआत पिछले दिनों हो चुकी है। जोनल स्टेशन से लगी बस्तियों में आरपीएफ पहुंचकर समझाइश दे रहे हैं। बताया भी जा रहा है कि घटना को अंजाम देने पर किस तरह दंड के प्रविधान है। आरपीएफ को इस तरह के प्रकरणों में रेलवे अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध करने का अधिकार दिया गया है। इसलिए आरपीएफ यह गलती करने वालो को किसी भी सूरत में नहीं छोडेगी। मालूम हो कि रेलवे के लिए ट्रेनों पर पत्थरबाजी बड़ी मुसीबत बन चुकी है।
बिलासपुर – नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है। इसके कलावा भी कुछ – कुछ ट्रेनों में घटनाएं हो रही है। इसलिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को 30 अप्रैल तक जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा है। इसकी शुरुआत भी आरपीएफ ने कर दी है। इंद्रपुरी, चुचुहियापारा, लालखदान के आसपास जाकर वहां रहने वाले लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि ट्रेन राष्ट्रीय संपत्ति है। इसको नुकसान पहुंचाना गलत है। यह यात्रियों की बड़ी सुविधा है। लेकिन, लगातार हो रही घटना की वजह से यात्री सहमे रहते हैं। कई बार पत्थरबाजी में यात्री भी अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। ऐसा कोई काम न करें, जिससे की दूसरों को दिक्कत हो।

