स्टार्टअप की तरफ युवाओं का रूझान इंक्यूबेशन सेंटर राहे कर रहा आसान

बिलासपुर। बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा उद्यमिता के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किए गए इंक्यूबेशन सेंटर से जुड़ने के लिए पिछले डेढ़ वर्षो में अब तक पांच सौ से अधिक आवेदन पहुंचे है। इससे यह साफ पता चलता है की स्टार्टअप की तरफ युवाओं का रूझान बढ़ा है, युवा अब अपने दम पर ही कुछ नया करना चाहते हैं। आए आवेदनों से 52 लोगों को उदयन और आकार कार्यक्रम में चयनित होकर आगे बढ़ चुके हैं।
कोरोना काल की भीषण त्रासदी और उससे उपजे रोजगार की समस्या ने युवाओं को खुद से कुछ करने के लिए एक नई दिशा दी है, जिसका परिणाम ही है की आंत्रपेन्योर बनने की दिशा में अब युवा आगे बढ़ चले है। बिलासपुर स्मार्ट सिटी के द्वारा संचालित इंक्यूबेशन सेंटर “बी.इन्क्यूब” से जुड़कर युवा अपना स्टार्टअप शुरू कर चुके हैं।
इंक्यूबेशन सेंटर को संचालित करने एक संचालन समिति भी बनाया गया है जिसके चेयरमैन बिलासपुर स्मार्ट सिटी के एमडी कुणाल दुदावत है, अन्य अधिकारी इसके सदस्य है जिनमे चिप्स के एडिशनल सीईओ, जीएम स्मार्ट सिटी, जीएम उद्योग विभाग जैसे अधिकारी इस समिति के सदस्य है।
चेयरमैन कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में ही “बी.इन्क्यूब” के ज़रिए स्टार्टअप करने वाले युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। चयनित इन युवा उद्यमियों को इंक्यूबेशन सेंटर में अपने इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, साथ ही स्थापित आंत्रेपेन्योर बनने की राह में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए सेंटर के विशेषज्ञ इनकी मदद कर रहें हैं।
युवा उद्यमियों को सफ़ल होने में आने वाली परेशानियों जैसे वित्तीय,कानूनी, मार्केटिंग जैसी समस्याओं के निराकरण के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ मदद कर रहें हैं। स्मार्ट सिटी के इंक्यूबेशन सेंटर से जुड़कर युवा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। “बी.इन्क्यूब” के उदयन कार्यक्रम के तहत दो माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है जिसमें स्टार्टअप को उद्यमिता के बारे में शिक्षित किया गया है और उनके आईडिया को बिजनेस प्लान बनाने में सहयोग दिया जा रहा है।
प्रोग्राम के अंत में स्टार्टअप को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। दूसरे भाग के तहत “आकार” है जिसमें पांच माह का दीर्घकालीन कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत क्रियान्वयन चरण के स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। उद्यमियों के प्रोडक्ट या सर्विस को मार्केट में लाने में सहयोग किया जा रहा है और उनके ग्राहक बढ़ाने में भी मदद की जा रही है। महिला स्वामित्व वाले स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सेंटर में विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
अब तक इन युवा उद्यमियों ने अपना लोहा मनवाया है
स्पिट कप
इंक्यूबेशन सेंटर के ज़रिए डाॅ.पुरुषोत्तम सिंह चौहान और अभय कुमार ने मिलकर एक ऐसा कप तैयार किया है जिसका उपयोग करने से संक्रमण का ख़तरा ना के बराबर रह जाता है। “स्पिट कप” एक ईकोफ्रेंडली ग्लास है जो मात्र 10 सेकेंड के अंदर व्यक्ति के मूंह के ड्राॅपलेट्स को सेमी सॉलिड बायोडिग्रेड्डेबल वेस्ट में परिवर्तित कर देता है। कोरोना काल में किए गए इस नए ईजाद से संक्रमण से बचा जा सकता है,कोरोना काल से स्पिट कप की डिमांड काफी बढ़ गई है।
वन कप
देवेश पटेल ने अगस्त 2021 में एक ऐसे स्टार्टअप का शुरूआत किया जिसने 9 माह में ही अपना टर्न ओवर 35 लाख के करीब पहुंचा दिया। वन कप नाम से देवेश ने एक ऐसा कप बनाया जिसमें गर्म पानी डालने से चाय बनकर तैयार हो जाता है।
कप के अन्दर पहले से ही मसाला रहता है जिसमें गर्म पानी डालने से उसमें चाय तैयार हो जाता है। इस कप की डिमांड देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेश में भी होने लगी है। नेशनल आंत्रपेन्योर डे के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने यूनिक स्टार्टअप के लिए रायपुर के देवेंद्र पटेल और पारम पटेल को सम्मानित भी किया है।
इत्र
ये एक ऐसा हेल्थ केयर स्टार्टअप है जो लोगों को मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग प्रदान करता है,जिसे तैयार किया है 20 वर्षीय लिपाक्षी राठौर ने। ये ऑनलाइन सेवा है जिसमें एप के ज़रिए ज़रूरतमंद लोगों की मदद की जाती है.समाज में बहुत से ऐसे लोग है जो अपनी समस्या या मन की दुविधा को किसी के साथ शेयर नहीं कर पाते,मानसिक रूप से खुद को कमजोर और समस्याग्रस्त महसूस करने वाले लोगों के लिए यह ऑनलाइन सेवा काफी मददगार साबित हो रहा है। अब तक इत्र के ज़रिए चार हज़ार से अधिक लोगों की काउंसलिंग की जा चुकी है
युवा उद्यमिता की ओर बढ़ें यही प्रयास है:एमडी
बिलासपुर स्मार्ट सिटी के एमडी एवं बी.इन्क्यूब संचालन समिति के चेयरमैन कुणाल दुदावत के मुताबिक इनोवेटिव सोच रखने वाले युवाओं को इंक्यूबेशन सेंटर के ज़रिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म देने का प्रयास है,एक सोच को हकीकत में बदलने के लिए सेंटर द्वारा प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे अंचल के युवाओं को लाभ मिल रहा है। युवा उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें यही प्रयास है


