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5 जून को लगेगा ज्वालामुखी योग जानिये यह कैसे बनता है किन लोगों के लिए है अशुभ

भारतीय ज्योतिष के अनुसार किसी भी कार्य को करने से पूर्व शुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र व योग का अध्ययन किया जाता है। शुभ योग में किए गए कार्य मंगलकारी परिणाम देते हैं। वहीं, अशुभ योग में किया गया शुभ कार्य अमंगलकारी फल देता है। इसके पीछे ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति में होना वाला परिवर्तन जिम्मेदार होता है। आज हम एक ऐसे ही अशुभ योग के बारे में बात करेंगे। इस योग को ज्वालामुखी योग कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्वालामुखी योग एक ऐसा अशुभ योग है जिसमें किसी भी तरह के शुभ या मांगलिक काम करने से अशुभ परिणाम ही प्राप्त होते हैं।

किस दिन रहेगा ज्वालामुखी योग

ज्योतिष गणना के अनुसार 5 जून 2023 को सुबह 3 बजकर 23 मिनट से ज्वालामुखी योग शुरू होगा, जोकि 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

कैसे बनता है ज्वालामुखी योग

ज्योतिष के अनुसार ज्वालामुखी योग तिथि, योग और नक्षत्र के संयोग से बनता है। यह अशुभ योग पांच तिथियों और 5 नक्षत्रों के संयोग से बनता है।

पहला – प्रतिपदा तिथि के दिन मूल नक्षत्र हो

दूसरा – पंचमी तिथि को भरणी नक्षत्र हो

तीसरा – अष्टमी तिथि को कृतिका नक्षत्र

चौथा – नवमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र

पांचवा – दशमी तिथि को आश्लेषा नक्षत्र

ज्वालामुखी योग का प्रभाव

1.यदि किसी का विवाह इस अशुभ योग में हो जाता है, तो शादी में किसी न किसी समस्या का सामना जरूर करना पड़ता है। वैवाहिक जीवन में सुख नहीं रहता है।

2.ज्वालामुखी योग में किसी भी प्रकार मांगलिक या शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। अन्यथा इसके अमंगलकारी परिणाम मिलते हैं।

3.यदि किसी बच्चे का जन्म ज्वालामुखी योग में हुआ है तब उसे अरिष्ट योग हो सकता है। इसके लिए कुंडली देखना सही रहेगा।

4.ज्योतिष के अनुसार ज्वालामुखी योग में बोया गया बीज भी अच्छी फसल नहीं देता है।

5.अगर कोई व्यक्ति ज्वालामुखी योग में बीमार पड़ जाता है, तो उसे लंबे समय तक उस बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।

नया घर, कुआं खोदना या फिर नए घर की नींव इस अशुभ योग में बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए।

डिसक्लेमर

इस लेख में दी गई जानकारी/ सामग्री/ गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ धार्मिक मान्यताओं/ धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।

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