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बैक डोर से ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा रहा है,रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के भोपाल ऑफिस में रोजाना
1 साल से ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा रहा है रिपोर्ट में दावा किया गया है की बस्ती के लोगों को 2-2 हजार के 10 नोट एक्सचेंज कराने के बदले इन्हें 200 रुपए मिलते हैं। कुल 20 हजार रुपए (2 हजार के नोट) लेकर ये आरबीआई जाते हैं। यहां इन्हें 15 हजार रुपए (500 के नोट) दिए जाते हैं। बाकी के 5 हजार रुपए 2-2 रुपए के सिक्के के रूप में दिए जाते हैं। बस्ती वाले यह पैसे राजीव नगर में संचालित दो दुकानों पर जमा करते हैं। फिर इन्हें बोरियों में भरकर लोडिंग ऑटो की मदद से बैरागढ़, रेतघाट, अशोका गार्डन सहित अलग-अलग इलाकों में पहुंचा दिया जाता है। बड़े कारोबारियों की ब्लैक मनी को ये एजेंट एक साल से व्हाइट करने में जुटे हुए हैं। इस कैलकुलेशन के हिसाब से 1 दिन में 40 लाख यानी 1 साल में लगभग 100 करोड रुपए, आरबीआई के कैंपस में ब्लैक से व्हाइट कर लिए गए हैं। पूछताछ नहीं होती बल्कि 200 टोकन रिजर्व रहते हैं रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, आरबीआई से लगी हुई इस बस्ती के आसपास सीसीटीवी कैमरों की निगरानी है। 24 घंटे चारों कोनों पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती भी रहती है। इसके बाद भी रोज नोट बदलने वालों से कोई पूछताछ नहीं होती। आरबीआई में जाते ही सुरक्षा टीम मोबाइल फोन बंद करवा देती है। आरबीआई के मुख्य एंट्री गेट पर रोज नोट बदलवाने वालों को 300 टोकन बांटे जाते हैं। खास बात ये है कि इनमें 200 टोकन तो बस्ती वालों के लिए ही रिजर्व रहते हैं।


