10 प्रतिशत महंगी होगी बिजली! आम जनता को बड़ा झटका देने की तैयारी
1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकती हैं


मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से बिजली बिल बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मासिक स्थायी शुल्क में बढ़ोतरी की दिशा में तैयारी चल रही है। अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं तो उपभोक्ताओं के कुल बिल में सीधा असर दिखेगा।
बिजली दरों में हर साल होने वाली समीक्षा के तहत यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इसी क्रम में स्थायी शुल्क, ऊर्जा प्रभार और अन्य मदों की समीक्षा की जाती है। इस बार फोकस मासिक चार्ज पर अधिक बताया जा रहा है, इसलिए छोटे उपभोग वाले उपभोक्ताओं पर भी असर की संभावना बनी है।

किन उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है असर
घरेलू कनेक्शन, छोटे व्यवसाय, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और अन्य श्रेणियां टैरिफ संशोधन से प्रभावित होती हैं। मासिक स्थायी शुल्क में बदलाव होने पर अलग-अलग लोड श्रेणियों के अनुसार देय राशि बदलती है। इससे कुल बिल में वृद्धि की मात्रा उपभोक्ता वर्ग के हिसाब से अलग हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिल में दो हिस्से प्रमुख होते हैं। पहला, वास्तविक खपत पर आधारित ऊर्जा प्रभार। दूसरा, स्थायी या फिक्स्ड चार्ज, जो कनेक्शन और लोड के आधार पर लगता है। जब दूसरा हिस्सा बढ़ता है तो कम खपत वाले उपभोक्ता भी राहत महसूस नहीं कर पाते।
बिजली बिल की बढ़ोतरी ऐसे समझें
- यदि आपकी महीने में 400 यूनिट बिजली खपत है और उसका मौजूदा बिल लगभग 3,250 रुपए आता है।
- बढ़ोतरी के बाद यह बिल 3,550 रुपए से अधिक हो जाएगा।
- इस हिसाब से हर महीने लगभग 300 रुपए की बढ़ोतरी होगी। साल भर में कुल 3,600 रुपए का एक्स्ट्रा खर्च आएगा।
- यह प्रस्ताव अब राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) के पास है। जनसुनवाई चल रही है, जहां लोग अपनी सलाह दे सकते हैं।
-
बिजली उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ी
ऊर्जाक्षेत्र के जानकारों का कहना है कि कोयले पर जीएसटी सेस हटने के बाद बिजली उत्पादन लागत में कमी आई है। इसके बावजूद दरों में वृद्धि का प्रस्ताव आम बिजली उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

