लालू परिवार को राहत कोर्ट से राबड़ी और मीसा सहित सभी आरोपियों को मिली जमानत

लैंड फॉर जॉब स्कैम में लालू यादव और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती सहित 16 आरोपियों को जमानत दे दी है। हालांकि कोर्ट ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर आरोपियों को जमानत दी है।
नौकरी के बदले जमीन लिखवाने का जो मामला है, उसके सभी दस्तावेज ललन सिंह ने CBI को उपलब्ध कराए थे। पहले UPA की सरकार थी तो मामला दबा दिया गया। उसी मामले में प्राथमिकी दर्ज़ हुई है: BJP सांसद सुशील कुमार मोदी, दिल्ली pic.twitter.com/Ft6pFzlzFE
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 15, 2023
गौरतलब है कि रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले के मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती सहित 16 आरोपी आज कोर्ट में पेश हुए थे। इस मामले में सीबीआई ने पिछले साल 18 मई को केस दर्ज किया था। हाल ही किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके लालू यादव कोर्ट में व्हीलचेयर पर पहुंचे। आपको बता दें कि कोर्ट ने 27 फरवरी को सभी 16 नामजद को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था और आज इस मामले में कोर्ट में सुनवाई है।
#WATCH दिल्ली: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव-राबड़ी देवी और उनकी बेटी तथा राजद सांसद मीसा भारती जमीन के बदले नौकरी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे। https://t.co/i4Cd2Y7VU5 pic.twitter.com/vsX2eouygP
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ये है पूरा मामला
लालू यादव जब मनमोहन सिंह सरकार के दौरान 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे, तो तब मंत्री रहते हुए लालू और उनके परिवार के सदस्यों पर रेलवे में नौकरी के बदले लोगों से करोड़ों रुपए जमीन उपहार स्वरूप ले ली थी या कम कीमत पर खरीद ली थी। इस मामले में सीबीआई लंबे समय तक जांच के बाद चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि रेलवे की ग्रुप-D में भर्ती के लिए भारतीय रेलवे के निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया था और रेल मंत्री के पद का लाभ उठाते हुए लालू यादव ने भर्ती प्रक्रिया में कई अनियमितता की थी।
तेजस्वी यादव नहीं पहुंचे CBI ऑफिस
वहीं जमीन के बदले नौकरी घोटाले में बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तीसरी बार नोटिस के बावजूद CBI कार्यालय नहीं पहुंचे हैं। CBI इसे जांच में असहयोग के रूप के देखते हुए कानूनी कार्रवाई की तैयार कर रही है। सोमवार को CBI ने तीसरी बार नोटिस भेजकर तेजस्वी को पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्हें मंगलवार को हाजिर होना था, लेकिन वे फिर भी नहीं आए। सीबीआई ने तेजस्वी को 4 मार्च और फिर 11 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन व्यस्तता का हवाला देकर आने में असमर्थता जताई थी।

