रमजान मुबारक महीना! यहां जानें सहरी और इफ्तार का समय

नई दिल्ली। मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए रमजान का महीना बहुत ही पवित्र माना जाता है। यह इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना होता है। इस महीने रोजा रखने, नेक काम करने और अल्लाह की इबादत करने से सवाब मिलता है। रमजान के महीने में रोजेदार पूरे एक महीने रोजा रखते हैं और इसके बाद ईद मनाई जाती है। लेकिन रोजा रखने के कठिन नियम भी होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है।
रमजान का महीना कभी 29 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग उपवास रखते हैं। उपवास को अरबी में “सौम” कहा जाता है, इसलिए इस मास को अरबी में माह-ए-सियाम भी कहते हैं। फ़ारसी में उपवास को रोज़ा कहते हैं। भारत के मुसलिम समुदाय पर फ़ारसी प्रभाव ज़्यादा होने के कारण उपवास को फ़ारसी शब्द ही उपयोग किया जाता है।
सहरी: इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान माह में सूर्य उगने से पहले खाना खाया जाता है। इसे सहरी नाम से जाना जाता है। सहरी करने का समय पहले से ही निर्धारित कर दिया जाता है। सहरी करने को सुन्नत कहा जाता है।
इफ्तार: दिनभर बिना खाए-पिए रोजा रहने के बाद शाम को नमाज पढ़ने के बाद खजूर खाकर रोजा खोला जाता है। यह शाम को सूरज ढलने पर मगरिब की अजान होने पर खोला जाता है। इसी को इफ्तार नाम से जाना जाता है।
30 मार्च 2023
सहरी का समय- प्रातः 4:53
इफ्तार का समय- सायं 06:40




