ब्रेकिंग
भोपाल मेट्रो: रोज करीब 5 लाख रुपये खर्च, महीनेभर में सिर्फ 5 लाख रुपये की आय पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), एनसीईआरटी भोपाल की हरियाली पर फिर खतरा, शिवाजी नगर से चार इमली तक री-डेंसिफिकेशन की तैयारी क्या दतिया में फिर से उपचुनाव होगा? बढ़ेंगी घनश्याम सिंह की मुश्किलें? मध्य प्रदेश में लागू नहीं होगा 27 प्रतिशत OBC आरक्षण, 14% मान्य, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला 450 करोड़ के रेलवे स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल, प्लेटफॉर्म पर घूमती दिखीं भैंसें MPPSC की परीक्षा अगले साल दो बार होगी , 12 मेडिकल कॉलेज बनेंगे , सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान CM यूथ कॉन्क्लेव 2026’ 6 अक्टूबर को भोपाल में होगा अमित शाह का भोपाल दौरा: 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का किया भूमिपूजन सीएम मोहन यादव की बड़ी सौगात, 'भोपाल मास्टर प्लान-2047' का ड्राफ्ट तैयार
धार्मिक

शनिवार को है गणेश चतुर्थी, भगवान गणपति के साथ शनिदेव को भी करें प्रसन्न

चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है, जो हर माह में दो बार आती है – एक शुक्ल पक्ष और दूसरी कृष्ण पक्ष में। भगवान गणेश की उपासना और पूजा-पाठ के लिए गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा और व्रत रखने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस बार 25 मार्च को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। खास बात ये है कि इस दिन शनिवार है, इसलिए इस दिन गणपति के साथ शनिदेव की पूजा का भी विशेष लाभ मिलेगा।

शनि पूजन का विशेष योग

शनिवार के दिन गणेश चतुर्थी पड़ने से बहुत अच्छा योग बन रहा है। हिंदू शास्त्रों में भगवान श्रीगणेश विघ्न विनाशक और मंगलकारी देवता हैं। जहां पर भगवान गणेश का नियमित रूप से पूजन-अर्चना होता है, वहां रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ का वास होता है। भगवान शिव के पुत्र होने की वजह से गणपति और उनके भक्तों पर शनिदेव का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। साथ ही गणपति विघ्नहर्ता हैं और शनिदेव द्वारा दिये गये सभी विघ्न-बाधाओं को दूर कर सकते हैं। वैसे शनिवार के दिन शनिदेव का तेल से अभिषेक करें और पीपल की जड़ में तेल का दीपक भी जलाएं। इससे शनिदेव और प्रसन्न होंगे।

गणपति की पूजन विधि

भगवान गणेश जी की पूजा के लिए चतुर्थी तिथि और बुधवार का दिन सबसे अच्छा दिन होता है। चतुर्थी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करके गणेश के नाम और ऊं गणेशाय नम: के मंत्रों का जाप करते हुए पूजा और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान गणेश को नए वस्त्र, जनेऊ, चंदन और दूर्वा घास अर्पित करें। भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक बहुत ही प्रिय होता है। साथ ही गणेश चतुर्थी तिथि पर इन्हें दूर्वा की 21 गांठें अर्पित करें। भगवान गणेश की पूजा के दौरान गणेश जी की आरती और उनके मंत्रों को लगातार जाप करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button