जबलपुर केंद्रीय जेल में 677 बंदियों का उपवास 175 ने रखे रोजे

जबलपुर। जाने-अनजाने में किए गए अपराधों की माफी प्रत्येक व्यक्ति चाहता है। सभी के रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन, उनका भाव एक ही होता है कि वे अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपनों अपराधों की क्षमा मांगते हैं। पूरी आस्था और धार्मिक मान्यताओं के साथ केंद्रीय जेल में भी त्योहारों काे मनाया जा रहा है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय कारागार में निरुद्ध बंदियों के लिए जेल प्रशासन की ओर से हिन्दू बंदियों के लिए नवरात्र की उपासना और मुस्लिम बंदियों के लिए रोजा रखने का इंतजाम किया गया है। नवरात्र के व्रत रखने वाले बंदियों के लिए फलाहारी भोजन एवं चाय का इंतजाम किया जा रहा है। जबकि रोजा रखने वाले मुस्लिम बंदियों के लिए रोजा अफ्तार और सेहरी का इंतजाम किया गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि उसकी ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि रोजा और नवरात्र व्रत रखने वालों को उनकी धार्मिक भावना के प्रकटीकरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इतने बंदियों का उपवास
जेलर मदन कमलेश ने बताया कि केंद्रीय जेल में निरुद्ध 651 पुरुष और 26 महिला बंदी चैत्र नवरात्र पर व्रत रख रहे हैं। इसी तरह से रमजान माह शुरू होने के साथ 175 बंदी रोजा रख रहे हैं। इन सभी के लिए नियमानुसार फलाहार, राेजा अफ्जार और सेहरी का इंतजाम किया गया है।


