
पिछले दिनों केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण राजस्थान में कह कर गईं थीं कि ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू करना है तो अपने बूते पर करें। केंद्र सरकार उसके पास एनपीएस के तहत जमा एक पैसा भी राज्य को देने वाला नहीं है। उनका कहना था कि एनपीएस के पैसे पर सिर्फ़ कर्मचारियों का हक़ है। वो पैसा कर्मचारियों को ही मिलेगा, राज्यों को नहीं दिया जा सकता।
कुल मिलाकर वित्तमंत्री ओपीएस के एकदम खिलाफ दिखीं। केंद्र के इसी रुख़ के कारण भाजपा के नेतृत्व वाले किसी राज्य ने अब तक ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की घोषणा नहीं की है। लेकिन अब भाजपा के नेतृत्व वाले कुछ राज्य भी अपना रुख़ बदलने को मजबूर हो रहे हैं। चुनाव चीज़ ही ऐसी है कि अच्छे अच्छों को अपना रुख़ बदलने पर विवश होना पड़ता है।

