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न्यायालय परिसर में ही हो दंड किराया व चालान जमा कराने की व्यवस्था

इंदौर अभिभाषक संघ ने जिला न्यायालय परिसर में ही शुल्क जमा कराने की व्यवस्था करने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष गोपाल कचोलिया और सचिव घनश्याम गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2017 के पहले तक न्यायालय द्वारा तय दंड, किराया, चालान आदि शुल्क की धनराशि जिला व सत्र न्यायालय इंदौर कोषालय में नकद जमा होती थी।

निर्धारित धनराशि के अलावा अन्य कोई धनराशि पक्षकारों और वकीलों को देना नहीं पड़ती थी, लेकिन वर्ष 2017 से जिला एवं सत्र न्यायालय में न्यायालयों द्वारा तय दंड, किराया, चालान आदि की धनराशि आनलाइन जमा होने का नियम लागू हो गया। इसके बाद से कियोस्क सेंटर संचालकों ने मनमानी कर रखी है। दंड, किराया, चालान आदि के शुल्क आनलाइन जमा करने के लिए सेवा शुल्क के नाम पर इन कियोस्क सेंटर संचालकों द्वारा मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। कियोस्क सेंटर संचालकों पर कोई अंकुश नहीं है। चूंकि यह शुल्क समय पर जमा करना होता है इसलिए पक्षकार और अभिभाषकों को कियोस्क सेंटर संचालकों को मनमाना सेवा शुल्क देना पड़ रहा है।

जबलपुर की समस्या हो गई हल

कचोलिया ने बताया कि ऐसी ही समस्या जबलपुर में भी सामने आई थी। वहां भी आनलाइन शुल्क जमा करवाने की व्यवस्था लागू होने के बाद पक्षकारों और वकीलों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस पर उन्होंने आनलाइन शुल्क जमा करवाने के लिए काउंटर जिला न्यायालय परिसर में ही खोले जाने की मांग की थी। इस पर जिला व सत्र न्यायालय परिसर जबलपुर में आनलाइन शुल्क जमा करवाने के लिए दो काउंटर खोले गए। इससे पक्षकारों को बड़ी राहत मिली और कियोस्क सेंटर संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगा है।

पक्षकारों और वकीलों को मिले मनमानी से मुक्ति

कचोलिया ने कहा कि जबलपुर की तर्ज पर इंदौर में भी जिला न्यायालय परिसर में आनलाइन शुल्क जमा करवाने के लिए काउंटर खोले जाने की आवश्यकता है, ताकि पक्षकार और वकीलों को कियोस्क सेंटर संचालकों की मनमानी से मुक्ति मिल सके। इंदौर अभिभाषक संघ ने प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश से मांग की है कि इंदौर में भी आनलाइन शुल्क जमा करवाने की उचित व्यवस्था की जाए और आनलाइन काउंटर खोले जाएं।

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