ढाबों पर काम करने वाले नेपाली उस्तादों ने बनाया डकैत गिरोह वारदात से पहले पकड़े गए

देवास। अलग-अलग ढाबों-होटलों पर काम करने वाले नेपाली उस्तादों और स्थानीय लोगों ने डकैत गिरोह बनाकर देवास में वारदात करने की कोशिश की। यह गिरोह शनिवार को फिनकेयर स्माल फायनेंस बैंक में घुस भी गया और छह ताले तोड़ डाले।
स्ट्रांग रूम तोड़ने की कोशिश में बैंक का केंद्रीयकृत सायरन बजा और सभी भाग निकले। गिरोह यहीं नहीं रुका और अगले दिन रविवार को एसबीआइ की मुख्य शाखा में घुसने की साजिश कर ही रहा था कि पुलिस को भनक लग गई और सभी पकड़े गए। आरोपितों के पास से देशी कट्टा, चाकू, खुखरी, गुप्ती, टामी, सब्बल भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
एसपी डा. शिवदयाल सिंह ने बताया कि 12 मार्च की आधी रात को पुलिस के गश्ती दल ने इन आरोपितों को स्टेट बैंक आफ इंडिया में डकैती का षड्यंत्र रचते पकड़ा। आरोपित गोविंद साउद निवासी ग्राम मिर्चिया जिला बरदिया नेपाल, इट्टू मंडल निवासी ग्राम जितनगर जिला साहेबगंज, झारखंड, अमर उर्फ अनिल साउद निवासी ग्राम शातड़ा जिला अछाम नेपाल, अम्बर साउद निवासी ग्राम मिर्चिया जिला बरदिया नेपाल और हबीब खान निवासी छोटी मस्जिद के पास रसलपुर के साथ पंकज प्रजापति निवासी नई आबादी को पुलिस टीम ने पकड़ा है। पुलिस को मुखबिर से पता चला था कि सभी रिलेक्स इन होटल जवाहर नगर चौराहा के पास खाली पड़े प्लाट पर डकैती का षड्यंत्र रच रहे हैं।
एक दिन पहले वारदात करना स्वीकारा
सभी आरोपितों से पूछताछ पर पुलिस को पता चला कि इन्होंने 11 मार्च की रात फिन केयर स्माल फायनेंस जवाहर नगर में ताला तोड़कर चोरी करने का प्रयास किया। पूरा गिरोह स्माल फायनेंस बैंक में घुसा और छह ताले तोड़ने के बाद स्ट्रांग रूम तक पहुंच गया। स्ट्रांग रूम को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी बैंक के केंद्रीयकृत सिस्टम से जुड़ा सायरन बज गया और आरोपित भाग निकले। पुलिस इसके बाद से ही इन आरोपितों की तलाश में लग गई थी।
वर्षों से रह रहे थे देवास में
कोतवाली थाना प्रभारी पवन यादव ने बताया कि आरोपित अमर उर्फ अनिल साउद और अम्बर साउद पिछले कुछ वर्षों से देवास में ही रह रहे थे। वर्तमान में न्यायालय के सामने द जंक्शन नानवेज होटल में काम कर रहे थे। हाल ही में मुंबई से आरोपित गोविंद साउद और इट्टू मंडल यहां आए। इसके बाद इन्होंने देवास के ही हबीब खान निवासी रसलपुर और पंकज प्रजापति निवासी नई आबादी को साथ मिलाकर डकैती का षड्यंत्र किया और कोशिश भी की।
अन्य राज्यों में भी की वारदात
पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपितों में से कुछ ने अन्य राज्यों में भी आपराधिक घटनाएं की हैं। इनके रिकार्ड के संबंध में पुलिस ने मुंबई और झारखंड पुलिस से भी ई-मेल कर जानकारी मांगी है। एसपी डा. सिंह ने कहा कि देवास पुलिस ने चौथी बार वारदात के पहले आरोपितों को पकड़ने में कामयाबी प्राप्त की है। सूत्रों के अनुसार जब पुलिस आरोपितों को पकड़ने गई, तो सभी अलग-अलग दिशा में भागे थे। रात में ही पुलिस की अलग-अलग टीमों ने इन्हें पकड़ लिया। कुछ आरोपितों को भोपाल रोड पर गश्त में आए भौंरासा टीआइ हितेश पाटिल व टीम ने पकड़ा। कुछ को कोतवाली की टीम ने पकड़ा।
टीम की एसपी ने की सराहना
गिरोह को पकड़ने में निरीक्षक हितेश पाटिल, उनि पवन यादव, उनि अख्तर मोहम्मद पठान, उनि सचिन सोनगरा, उनि हर्ष चौधरी, सउनि राकेश तिवारी, सउनि संजय तवर, प्रआर मनोज पटेल, रवि गरोडा, पवन पटेल, हेमंत डाबी, रवींद्र यादव, आरक्षक अंशु कुमार, सूरज कुमार अरुण चावडा, महिला आरक्षक नेहा ठाकुर की अहम भूमिका रही। पूरी टीम की पुलिस कप्तान ने सराहना की।


