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उद्धव ठाकरे गुट को एक और झटका शिंदे कैंप में शामिल हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत

उद्धव ठाकरे गुट को एक और झटका लगा है। उनके कैंप के जाने-माने नेता और राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गये। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव से पार्टी और सरकार को लाभ मिलेगा। बीएमसी चुनाव से पहले इसे एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि शिवसेना की कमान शिंदे के हाथ में जाने के बाद उद्धव कैंप को लगातार झटके लग रहे हैं। इससे पहले सोमवार को उद्धव ठाकरे के करीबी नेता सुभाष देसाई के बेटे भूषण ने भी शिवसेना का दामन थाम लिया था।

चुनाव चिह्न का मामला

चुनाव आयोग ने पहले ही शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न एकनाथ गुट को दे दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। शिंदे बनाम उद्धव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में चल रही सुनवाई आठवें दिन यानी बुधवार को भी पूरी नहीं हो सकी। अब ये सुनवाई गुरुवार यानी 6 मार्च को जारी रहेगी। सुनवाई में कोर्ट ने इस बात पर सवाल उठाया कि अगर शिंदे कैंप के विधायकों को उद्धव के कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन पर एतराज था तो वह 3 साल तक सरकार के साथ क्यों रहे। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड ने कहा कि अचानक से 34 लोगों कहने लगते हैं कि यह सही नहीं है।

शिंदे ने बनाया अलग गुट

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को उस समय बड़ा झटका दिया जब वह 40 विधायकों के साथ एक अलग गुट बना लिया। उन्होंने कांग्रेस के साथ शिवसेना गठबंधन को अपवित्र बताते हुए बगवात कर दी। इसके बाद उन्होंने बीजेपी को अपना समर्थन दिया। इसके बाद बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए एकनाथ शिंदे को सीएम और देवेंद्र फडणवीस के उपमुख्यमंत्री बना दिया। उसके बाद से नेताओं और कार्यकर्ताओं का एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होना जारी है।

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