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मध्यप्रदेश

संपत्तिकर को लेकर नगर निगम सख्त उद्योगपति बिफरे

जबलपुर। मार्च का महीना समाप्त हुआ है और नगर निगम जबलपुर ने रिकार्ड तोड़ कर वसूली की है। अब नया सत्र शुरू हो गया है और कर वसूली के नए प्लान बन रह हैं लेकिन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग धंधे स्थापित करने वाले उद्योगपति, निवेशकों से भी संपित्तकर वसूले जाने को लेकर नगर निगम और उद्योगपतियों के बीच तनातनी शुरू हो गई है। संपत्तिकर कर वसूलने नगर निगम जहां सख्ती बरतते हुए कुर्की जैसी कार्रवाई को अंजाम दे रहा है वहीं उद्याेगपति कर वसूलने की कार्रवाई स्थगित कराने की मांग को लेकर अड़ गए हैं। सोमवार को इसी कड़ी में औद्योगिक क्षेत्र रिछाई, अधारताल और आइटी पार्क के निवेशक, उद्योगपतियों ने बैठक की जबलपुरऔर ये निर्णय लिया कि नगर निगम संपित्त कर वसूली करने की कार्रवाई अप्रैल माह तक स्थगित करें। ताकि वे ये साबित कर सके कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों को संपत्तिकर देय नहीं है। मांग को लेकर उद्योगपति, निवेशक मंगलवार को महापौर से चर्चा की और संभागायुक्त को भी ज्ञापन सौपा। लेकिन उद्योगपतियों और नगर निगम के साथ बैठक बेनतीजा रही।

उद्योग बंद कर उतरेंगे सड़क परः

महाकोशल उद्योग संघ के कार्यकारी अध्यक्ष व जबलपुर आइटी एंड इलेक्ट्रानिक पार्क एसोसिएशन के संरक्षक डीआर जेसवानी ने बताया कि यदि उधमियों की ये मांग पूरी नहीं होती जिले भर के उद्यमी उद्योग, व्यापार बंद कर प्रदर्शन करने बाध्य होंगे। उन्होंने बताया कि उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने कंडीशनल लीज पर जमीन दी गई है वे उनके मालिक नहीं है। फिर भी नगर निगम उद्योग लगाने वालो से संपत्तिकर वसूल रहा है। जो नियम विरूद्ध है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि नगर निगम संपित्तकर की वसूली अप्रैल माह तक स्थगित करें इसी मांग को लेकर उद्योगपति महापौर से मिलें लेकिन बैठक बेनतीजा रही। बताया जबैठक में चंद्रेश वीरा, राजेश गुप्ता, अतुल गुप्ता, अनूप आहूजा, आरके पांडेय, शिशिर पांडेय आदि उपस्थित रहे।

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