यह इंदौर में ही संभव पूजा कर पेड़ों से मांगी स्थानांतरित करने की अनुमति

विकास के पथ पर बढ़ते इंदौर के पास अपने संस्कार भी हैं। बात चाहे स्वच्छता की हो या किसी निर्माण कार्य की, इंदौर ने सबसे पहले प्रकृति की चिंता की है। खजराना चौराहे पर फ्लाईओवर के निर्माण में बाधक ग्रीन बेल्ट के 1313 पेड़ों को शिफ्ट किया जाना है। ऐसे में बुधवार को इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने पुजारी के माध्यम से पेड़ों का पूजन कर स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी। अब अधिकांश पेड़ खजराना तालाब के पास खाली पड़ी जमीन पर स्थानांतरित किए जाएंगे। हालाकि, अभी यह तय नहीं हो पाया है कि कितने पेड़ कहां स्थानांतरित होंगे।
– ठेकेदार कंपनी करेगी एजेंसी को राशि का भुगतान
1313 पेड़ स्थानांतरित होंगे ग्रीन बेल्ट से
53 करोड़ में बनेगा 650 मीटर लंबा फ्लाईओवर
1000 रुपये प्रति पेड़ आएगी स्थानांतरण लागत
आइडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने बताया कि 650 मीटर लंबाई में छह लेन के फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1313 पेड़ों को स्थानांतरित किया जाना है। पार्षद की पहल पर खजराना तालाब के पास खाली जमीन पर पेड़ स्थानांतरित करने की योजना तैयार की। पेड़ों को स्थानांतरित करने के लिए 1000 रुपये प्रति पेड़ भुगतान ठेकेदार कंपनी एजेंसी को करेगी। मालूम हो, पहले सभी पेड़ों को सुपर कारिडोर पर आइडीए की जमीन पर स्थानांतरित किया जाना था।
इन्होंने किया पूजन
आइडीए द्वारा खजराना चौराहे से जिन पेड़ों को हटाया जाना, उनकी बुधवार को आइडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे और खजराना गणेश मंदिर के पुजारी अशोक भट्ट ने पूजन किया। इस मौके पर निगम परिषद सदस्य राजेश उदावत, क्षेत्रीय पार्षद पुष्पेंद्र राठौर व अन्य लोग मौजूद थे।
स्थांतरित होंगे चार हजार पेड़
आइडीए द्वारा खजराना, लवकुश, भंवरकुआं और फूटीकोठी चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना है। इन चौराहों से करीब चार हजार पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा। सभी पेड़ों को सुपर कोरिडोर की खाली जमीन समेत अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किए जाएंगे। हालांकि, उक्त चौराहों के आसपास भी पेड़ों के लिए खाली जमीन तलाशी जा रही है।
भंवरकुआं पर लाइन शिफ्टिंग शुरू
भंवरकुआं चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण में बाधक नर्मदा लाइन को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लाइन का स्थानांतरण करने के बाद फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होगा। खजराना चौराहे पर लाइन शिफ्टिंग की टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। यहां वाटर और सीवरेज लाइन को हटाने के लिए 10 करोड़ से अधिक की राशि आइडीए द्वारा नगर निगम को प्रदान की गई है।


