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मध्यप्रदेश

अतिथि शिक्षकों ने की मांग सरकारी स्कूलों में सीधी भर्ती

भोपाल। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने प्रतिनिधिमंडल के साथ वल्लभ भवन भोपाल पहुंचकर गुरुवार को मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा से मुलाकात करके आग्रह किया है कि अन्य राज्यों की भांति कार्यरत अतिथि शिक्षकों के स्थान पर सीधी भर्ती पदोन्नति और स्थानांतरण ना किए जाएं ।जो अतिथि शिक्षक वर्षों तक सेवा करने के बाद बेरोजगार हो गए हैं।उनको रिक्त पदों पर अनुभव के आधार पर सेवा का अवसर दिया जाए । इसके अलावा वर्तमान समय में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जिसमें उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता(वर्ग-1) की परीक्षा हो चुकी है और उसका परीक्षा परिणाम भी आ चुका है। आने वाले समय में माध्यमिक शिक्षक(वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक(वर्ग-3) की पात्रता परीक्षा का आयोजन होना है। इसमें ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के समान अतिथि शिक्षकों को भी अहर्ता अंकों में दस प्रतिशत अंकों की छूट देने का आग्रह किया है।

30 अप्रैल को हजारों अतिथि शिक्षक हो जाएंगे बेरोजगार

समिति के अध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि शिक्षक भर्ती से हजारों अतिथि शिक्षक बेरोजगार हो चुके हैं। 30 अप्रैल को सत्र समाप्त होने से लगभग 50 हजार अतिथि शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे।15 वर्षों से यह प्रक्रिया चल रही है जो उचित नहीं है, जबकि छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली सहित सभी राज्यों ने अतिथि शिक्षकों के हित में नीति बनाकर भविष्य सुरक्षित किया है।भले ही अतिथि शिक्षकों को नियमित नहीं किया हो, लेकिन अतिथि शिक्षकों को बेरोजगार नहीं किया जाता ।मध्यप्रदेश सरकार को भी अन्य राज्यों की भांति नीति बनाकर अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करना चाहिए।

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