Ladli Bahna Yojna: पेटलावद में नेटर्वक नहीं मिलने से कर्मचारी पहुंचे पहाड़ी पर ई-केवायसी के लिए मशक्कत

पेटलावद। सरकार द्वारा प्रदेशभर में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई है। इसके लिए पेटलावद विकासखंड में भी महिलाओं द्वारा ई-केवायसी कराई जा रही है। इसके लिए शहर में बैंक और आधार सेंटरों पर दिनभर कतारें लग रहीं हैं। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में तो इंटरनेट कनेक्शन और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे ही हालात बने पेटलावद मुख्यालय से 20 किमी दूर मोहकमपुरा पंचायत में। यहां मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को पहाड़ी पर चढ़कर ई-केवायसी करना पड़ रही है।
यहां 400 से अधिक महिलाओं की ई-केवायसी की जाना है। इसके लिए पंचायत के मोबलाइजर रघुनाथ भूरिया और सहायक कांतु सोमजी डटे हुए हैं, लेकिन नेटवर्क नहीं मिलने के कारण इस काम में उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना सुबह वे पहाड़ी पर पहुंच जाते हैं और शाम तक यहीं बैठकर लैपटॉप के माध्यम से ई-केवायसी कर रहे हैं।
कई महिलाओं के आधार में मोबाइल नंबर नहीं
सबसे बड़ी बात यह कि इसके लिए महिलाओं को भी पहाड़ी पर चढ़ना पड़ रहा है। रघुनाथ भूरिया और सहायक ने बताया ई-केवायसी के तहत आधार कार्ड को समग्र से जोड़ा जा रहा है। इससे समग्र आईडी में नाम और जन्मतिथि का सुधार हो सकेगा। लेकिन यहां केवायसी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई महिलाओं के आधार में मोबाइल नंबर नहीं जुड़े होने से भी केवायसी में समस्या आ रही है तो कुछ के नाम ही परिवार आईडी में गलत जुड़े हुए हैं।
अभी तक 10 प्रतिशत महिलाओं की ही केवायसी
शहरी क्षेत्र में भी कई प्रकार की समस्या सामने आ रही है। अधिकतर महिलाओं के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर ही जुड़े हुए नहीं हैं। पेटलावद विकासखंड में लगभग 20 हजार महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना हैं। इसमे से ज्यादातर महिलाओं को केवायसी करवाना है। अभी तक 10 प्रतिशत महिलाओं के ही केवायसी हो पाए हैं।

