सिविल मैकेनिकल से ज्यादा एआइ कंप्यूटर विज्ञान और इलेक्ट्रानिक्स की है मांग

जबलपुर। विज्ञान विषय से 12वीं पास करने वाले विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग हमेशा से ही पसंदीदा क्षेत्र में एक रहा है। इंजीनियरिंग ऐसा क्षेत्र है जहां अवसरों की कमी नहीं होती है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अभ्यार्थियों को अच्छा पैकेज मिलता है। साइंस विषय के विद्यार्थियों के लिए कई ऐसे कोर्स हैं जो भविष्य में करियर बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान कर सकते हैं। इंजीनियरिंग इन दिनों आर्टिफिशियल तकनीकी का क्रेज बना हुआ है। इससे जुड़ी कई ब्रांच होनहार विद्यार्थियों की पहली पसंद है। वे सिविल, मैकेनिकल जैसी परम्परागत ब्रांच की तुलना में मौजूदा समय में कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सरीखी ब्रांच के लिए पूछताछ अधिक हो रही हैं। दरअसल मल्ट्रीनेशनल कंपनियां भी इन ब्रांच के विद्यार्थियों को अच्छे वेतन आफर कर रही है।
शासकीय जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज के डा.कमल कुशवाहा ने बताया कि कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह दो ब्रांच है जिनको लेकर अधिक मांग बनी हुई है। इसका कारण यह है की कंप्यूटर साइंस के कोर्स को करने के बाद बढ़िया करियर आप्शन जैसे प्रोफेसर, कंप्यूटर प्रोग्रामर, सिस्टम डिज़ाइनर, साफ्टवेयर इंजीनियर, साफ्टवेयर डेवलपर, साफ्टवेयर टेस्टर, मोबाइल ऐप डेवलपर, आईटी एडमिनिस्ट्रेटर, ई-कॉमर्स स्पेशलिस्ट, डाटा वेयरहाउस एनालिस्ट आदि क्षेत्र में जाने का मौका मिलता है। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीटेक छात्रों को मशीन लर्निंग के कॉन्बिनेशन के साथ इंटेलिजेंट मशीन, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या एप्लिकेशन बनाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कोर्स विभिन्न क्षेत्रों में इंटेलिजेंट सलूशन प्राप्त करने में मदद करता है। इसमें गलतियों की संभावनाएं ना के बराबर होती हैं, और इसकी सटीकता बहुत ही अधिक होती है। ज्ञानगंगा इंजीनियरिंग कालेज के प्राचार्य रविंद्र क्षीरसागर ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के अलावा वर्तमान में कंप्यूटर साइंस की ब्रांच को लेकर विद्यार्थियों में ज़्यादा रुझान है। कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इन ब्रांचों को लेकर विद्यार्थियों में अधिक रुझान बना हुआ है। इन ब्रांचों में नौकरी के अवसर का अधिक होना इसका सबसे बड़ा कारण है।
इंजीनियरिंग में बढ़ा रूझान
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में गिरावट के बाद, एक बार फिर से इंजीनियरिंग कोर्स, विशेष रूप से कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी मुख्य शाखाओं की मांग बढ़ रही है। इस दौरान कालेजों में इंजीनियरिंग के लिए प्लेसमेंट भी बढ़े हैं। यही कारण है कि परिषद ने इस महीने की शुरुआत में नए इंजीनियरिंग कालेजों पर रोक हटाने का फैसला किया, जिसका मतलब है कि शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से और अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। कंप्यूटर विज्ञान और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के बीच शीर्ष पसंद बने हुए हैं, जबकि मैकेनिकल और सिविल में प्रतिशत, हालांकि हाल के वर्षों में, तुलनात्मक रूप से कम बना हुआ है।
इंजीनियरिंग की मांग बहुत
शासकीय जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज के प्राचार्य डा.प्रदीप झिंगे ने बताया कि कालेज में करीब 800 सीट है इसमें कम्प्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड डाटा साइंस, इनफारमेशन टेक्नोलाजी, विद्यार्थियों की पहली च्वाइस होती है। इसके बाद परम्परागत ब्रांच के लिए दूसरे और तीसरे विकल्प के रूप में भरे जाते हैं। कालेज में फिलहाल नौ ब्रांच है इसमें सिविल, मैकेनिकल, इलेक्टि्रकल, इलेक्ट्रानिक्स एडं टेलीकम्युनिकेशन, इंडस्टि्रयल एडं प्रोडक्शन, कम्प्यूटर साइंस, इनफारमेशन टेक्नोलाजी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड डाटा साइंस के अलावा मैकेटानिक्स (इलेक्ट्रानिक,मैकेनिकल और इलेक्टि्कल की विषय सामग्री की संयुक्त ब्रांच ) यह ब्रांच हाइब्रिड नेचर के कार्य में उपयोगी साबित होती है। प्रो.प्रदीप झिंगे के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक की डिमांड कम्प्यूटर साइंस में है। वहीं सेमी कंडेक्टर और चिप डिजाइन मेन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में काफी तेजी आने से इलेक्ट्रॉनिक और कम्युनिकेशन के विद्यार्थी भी अच्छे वेतन के अाफर मिल रहे हैं। इसके अलावा हीं ई व्हीकल और हाइड्रोजन ऊर्जा से चलने वाली गाड़ियों के आने के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग छेत्र में काफी इंजीनियर की डिमांड है।
छह अप्रैल से जेईई का पेपर
जेईई मेन 2023 दूसरे चरण की परीक्षा छह अप्रैल 2023 से शुरू हो रही है। इंजीनियरिंग दाखिलों के लिए देश की सबसे बड़ी प्रवेश-परीक्षा के पहले दिन के लिए प्रवेश-पत्र एनटीए द्वारा जारी किए गए हैं। इस बार प्रत्येक परीक्षा दिवस के दो दिन पहले ही प्रवेश-पत्र जारी किए जाएंगे। इसलिए उम्मीदवार अपनी परीक्षा केंद्र सूचना पर्ची के आधार पर और ई-मेन पर मिलने वाली सूचना के अनुसार, निर्धारित समय से अपना प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर लें। छह अप्रैल को बीई-बीटेक के लिए परीक्षा से शुरुआत होगी। यह परीक्षा छह से 15 अप्रैल तक चलेगी। जेईसी समेत करीब 11 इंजीनियरिंग कालेज संचालित शहर में। छह हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग की सीट है।


