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दिल्ली/NCR

मणिकर्णिका घाट पर खेली गई चिताओं के राख की होली, 100 डमरुओं के साथ शुरू हुआ उत्सव

नई दिल्ली। देशभर में आठ मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा, लेकिन इससे पहले देश के कई मंदिरों में होली का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। वाराणसी यानी काशी में होली का त्योहार बड़े ही निराले तरीके से मनाई गई है। यहां होली खेलने और देखने के लिए लोग दूर दूर से पहुंचे हुए हैं और मणिकर्णिका घाट पर खेले जाने वाली होली को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई है। यहां मसाने की होली खेली जाती है। वाराणसी में चिता की राख से खेली जानी वाली होली पूरे देशभर में फेमस है।

जानकारी के अनुसार काशी में शनिवार को महाश्मशान की होली खेली गई। मणिकर्णिका घाट पर कोई चिता की राख तो कोई भस्म से नहाया। पूरा माहौल भक्तिमय रहा। यह होली 100 डमरुओं की निनाद के साथ शुरू हुई। इस मौके पर दुनियाभर से करीब 5 लाख श्रद्धालु मणिकर्णिका घाट पर जुटे। यह पारंपरिक उत्सव देर शाम तक चला।

मान्यता है कि मणिकर्णिका घाट पर रंगभरी एकादशी के दूसरे दिन यानी आज बाबा विश्वनाथ चिताओं से निकलने वाले भूतों और औघड़ों के साथ तांडव करते हैं। इस दौरान उनका सबसे विराट अड़भंगी स्वरूप दिखता है।

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