ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट में तय सुनवाई टल गई है, भोपाल में रहवासी इलाकों व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण खड़े हनुमान मंदिर को लेकर बढ़ा विरोध, उमा भारती ने CM से कहा- निकालें बीच का रास्ता मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर,दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, 36वें दिन कमाई 200 करोड़ के पार PM मोदी के जन्मदिन पर MP सरकार का बड़ा तोहफा, 17 सितंबर से 50 लाख लोगों की होगी फ्री रजिस्ट्री रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026, सीएम विष्‍णु देव साय मुख्‍य अतिथि हाईकोर्ट सख्त, 7 दिन में दिखाने होंगे अनुमति के दस्तावेज, भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रहे मॉल-हो... दिल्ली में नितिन नवीन से नरोत्तम मिश्रा की मुलाकात, एमपी में सियासी हलचल तेज भोपाल मास्टर प्लान को CM Mohan Yadav की सैद्धांतिक मंजूरी,जन्माष्टमी पर जारी हो सकता है ड्राफ्ट नगर निगम ने शुरू की सीलिंग,भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे कमर्शियल अड्डों पर बड़ी कार्रवाई
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के सात जिला अस्पतालों में पीपीपी से शुरू होगी एमआरआइ सुविधा

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के सात जिला अस्पतालों में निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) से एमआरआइ की सुविधा शुरू करने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। कंपनी के चयन के लिए निविदा बुलाई गई है। पहले इंदौर, भोपाल, ग्वालियर जबलपुर और उज्जैन में मशीन स्थापित की जानी थी, लेकिन मुरैना और रायसेन को जोड़कर दूसरी बार निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना में सुविधा शुरू करने की घोषणा हाल ही में की थी। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी का क्षेत्र होने की वजह से रायसेन के जिला अस्पताल को भी इसमें शामिल कर लिया गया है।

बता दें कि सीटी स्कैन की सुविधा पहले से जिला अस्पतालों में पीपीपी माडल से दी जा रही है। एमआरआइ की सुविधा अभी किसी जिला अस्पताल में नहीं है।

कुछ मेडिकल कालेज से संबद्ध अस्पतालों में पीपीपी से एमआरआइ हो रही है। अब उन जिला अस्पतालों में भी मशीनें स्थापित की जा रही हैं जहां ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की संख्या एक हजार से ऊपर है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मशीन स्थापित होने पर बाजार दर से लगभग 70 प्रतिशत कम शुल्क में एमआरआइ जांच हो सकेगी। हालांंकि, दरों का अंतिम निर्धारण निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो पाएगी। बता दें कि निजी अस्पतालों में एमआरआइ जांच कराने का न्यूनतम खर्च छह हजार रुपये है। जिला अस्पतालों में सुविधा शुरू होने पर न्यूनतम से दो हजार से तीन हजार रुपये ही लगेंगे।

Related Articles

Back to top button