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भ्रष्ट सिस्टम की एक और करतूत,पूरे प्रदेश में स्कूलों की छुट्टी, जिलों में बंटा मिड डे मील
राज्य में चला रहा फर्जी पड़ा और केंद्र सरकार ने पकड़ा खास बात है कि राज्य में 23 जिलों में मध्यान्ह भोजन बांटने का सिलसिला चलता रहा लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया. केंद्र सरकार को शाला प्रभारी की तरफ से रिपोर्ट भेजी गई. इस दौरान गड़बड़ी पाई गई और कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए. केंद्र सरकार की फटकार के बाद सभी कलेक्टरों को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए हैं दरअसल प्रधानमंत्री शक्ति पोषण योजना के तहत प्रदेश में करोड़ों बच्चों को मिड डे मील मिलता है.इस गड़बड़ी को उजागर करते हुए केंद्र सरकार ने कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मिड डे मील दिया जाता है. हैरत की बात है जब मध्य प्रदेश में स्कूल बंद है तो फिर मध्यान्ह भोजन कैसे बांटा जा रहा है. केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकार को अफसर की करतूत की जानकारी दे दी गई है. प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के राज्य समन्वयक मनोज पुष्प ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखा है. पत्र के साथ लिखा है कि 23 जिलों में गड़बड़ी पाई गई है. स्कूल बंद होने के बाद भी मध्यान भोजन शाला प्रभारी की तरफ से बांटा जा रहा है. केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी के खिलाफ कार्रवाई कर सूचना दी जाए. एक और बड़ी करतूत अफसरों की उजागर हुई है. केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में चल रहे भ्रष्ट सिस्टम को उजागर किया है. यह भी बताया है कि कैसे बच्चों के मध्यान्ह भोजन बांटे जाने का बंदरबांट चल रहा है जबकि राज्य सरकार ने स्कूल बंद किया है. फिर भी मध्यान्ह मध्यान्ह भोजन बांटा जा रहा है.



