तहसीलदार बनाने का झांसा देकर लाखों ठगे एसडीएम पर केस

इंदौर। क्राइम ब्रांच में चौंकाने वाला मामला आया है। पुलिस ने एक व्यक्ति पर केस दर्ज किया है जो स्वयं को एसडीएम बता कर लोगों से रुपये ऐंठता था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। इसके पूर्व नीलम पाराशर नामक महिला गिरफ्तार हुई थी जो एसडीएम बनकर लोगों को ठगती थी।
अपराध शाखा के डीसीपी निमिष अग्रवाल के मुताबिक हिमांशु पुत्र हरिश कुमार जैन निवासी सबरी नगर सुखलिया की शिकायत पर आरोपित मुकेश राजपूत निवासी डोलरिया होशंगाबाद के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपित शीतल नगर, विजय नगर में रहता था। उसने स्वयं को डिप्टी कलेक्टर (एसडीएम) बताया और कहा कि वह नायब तहसीलदार और क्लर्क की नौकरी लगवा सकता है।
आरोपित ने मौसी की बेटे शशांक को नायब तहसीलदार और मौसी सुलभा को क्लर्क की नौकरी लगवाने का बोलकर करीब पांच लाख रुपये नकद और स्कीम-54 में प्लाट दिलाने का झांसा देकर रुपये ले लिए। आरोपित द्वारा ठगी की भनक लगी तो क्राइम ब्रांच को शिकायत की गई। इसके पूर्व पुलिस ने नीलम पाराशर को तेजाजी नगर से पकड़ा था जो खुद को एसडीएम बता कर बेरोजगार युवाओं से रुपये ऐंठती थी।


