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मध्यप्रदेश

बांधवगढ़ के पनपथा बफर जोन में बाघ ग्रामीण को खींच ले गया मौत

उमरियाबुधवार की सुबह बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर में एक ग्रामीण पर बाघ ने हमला कर दिया। ग्रामीण पर हमला करने के बाद बाघ ने उसे दबोच लिया और खींचकर जंगल के अंदर ले गया। इस घटना में ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक ग्रामीण का नाम नत्थू पाल पिता देवीदीन पाल उम्र 45 साल बताई गई है। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक घटना पनपथा बफर के झाल बीट अंतर्गत बिलहुआ हार में हुई है। घटना की जानकारी देते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नत्थू पाल जंगल के निकट था इसी दौरान बाघ ने उसे दबोच लिया और खींचकर जंगल के अंदर ले गया।

इस तरह हुई घटना

ग्रामीणों ने बताया कि नत्थू पाल सुबह मवेशियों को लेकर निकला था। इसी दौरान उसके साथ यह घटना हुई है। नत्थू पाल जब बिलहुआ हार पहुंचा इसी दौरान झाड़ियों में छुप कर बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया और उसकी गर्दन दबोच कर उसे खींचता हुआ जंगल के अंदर ले गयान इस घटना को कई लोगों ने अपनी आंखों से देखा था, परिणाम स्वरूप जल्दी इस घटना की सूचना वन विभाग तक पहुंच गई और वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

हाथी दल पहुंचा

नत्थू पाल के शव को जंगल के अंदर से बाहर निकालना आसान नहीं था। क्योंकि वहां पर बाघ भी मौजूद था। यही कारण है कि मौके पर हाथी दल को बुलाया गया और हाथी दल के आने के बाद बाघ को जंगल के अंदर हांका गया। उसके बाद जंगल से नत्थू पाल के शव को बाहर लाया गया। शव को बाहर लाने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में जमकर आक्रोश व्याप्त था।

ग्रामीणों ने लगाया आरोप

घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर एकत्र होकर वन विभाग के अधिकारियों पर जमकर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवर गांव तक आ जाते हैं लेकिन उन्हें अंदर हांकने की कोशिश वन विभाग नहीं करता। वन विभाग के अधिकारी गस्त भी नहीं करते जिसके कारण हमें पता ही नहीं रहता है कि बाघ कहां पर है। यदि गस्त सुचारू रूप से हो रही होती तो इस बार की जानकारी वन विभाग के पास पहले से होती और इस तरह की घटना नहीं हो पाती। ग्रामीणों ने मांग की है कि गश्त पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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