मानसिक आरोग्यशाला के बाथरूम में मरीज ने लगाई फांसी

भोपाल। कोहेफिजा थाना इलाके में एक मनोचिकित्सक के अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे युवक ने अस्पताल के बाथरूम में फांसी लगा ली। उसने बाथरूम की खिड़की में अपना लोअर बांधकर गले में फंदा लगा लिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोहेफिजा थाना पुलिस के मुताबिक टीला जमालपुरा निवासी 35 वर्षीय महेश कुमार साहू मनोरोगी था। स्वजन पिछले 15 वर्ष से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित कई बड़े अस्पतालों में उसका इलाज करा चुके थे। इसके बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। वर्तमान में कोहेफिजा स्थित डा. आरएन साहू के अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। महेश के पिता भाव सिंह ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार दोपहर को वह बेटे के साथ अस्तपाल में मौजूद थे। महेश उनसे बाथरूम जाने का कहकर गया था। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो वह उसे देखने बाथरूम में पहुंचे। आवाज देने और दरवाजा खटखटाने पर भी महेश ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को बताया।
अंतत: बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर जाकर देखा तो महेश बाथरूम में फांसी पर लटका हुआ था। उसने अपने लोअर को खिड़की की राड से बांधकर फंदा लगा लिया था। फंदा काटकर महेश को उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया। वहां चेक करने के बाद डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मूक–बधिर छात्रा ने खुदकुशी की
मिसरोद थाना इलाके में शुक्रवार शुक्रवार शाम को एक मूक–बधिर छात्रा ने फांसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक 21 वर्षीय पुत्री प्रिया पुत्री स्व. इंद्रजीत परते परिवार के साथ रहती थी। बचपन से मूक-बधिर प्रिया इंदौर के एक कालेज में बीए की पढ़ाई कर रही थी। परिवार में उसकी मां के अलावा दो बड़ी बहनें हैं। मां घर में ही जनरल स्टोर चलाती है। एक बहन की शादी हो चुकी है। दूसरी बहन होमगार्ड सैनिक है। प्रिया, होली का त्योहार मनाने के लिए घर आर्इ थी। शुक्रवार शाम को प्रिया ने पंखे से दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

