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मध्यप्रदेश

बुरहानपुर कलेक्टर आफिस में 24 घंटे से घाबरला क्षेत्र के आदिवासियों का धरना जारी

बुरहानपुर। वन परीक्षेत्र नेपानगर के जंगलों की अवैध कटाई और वन भूमि पर कब्जे को रुकवाने के लिए घाघरला क्षेत्र के 500 से ज्यादा आदिवासी बीते 24 घंटे से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे हैं। इस बार ग्रामीण हफ्ते भर के आंदोलन की तैयारी के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे हैं। वे अपने साथ सोने और पहनने के कपड़े, भोजन के लिए अनाज और बर्तन भी साथ लाए हैं। उन्होंने बुधवार रात कलेक्ट्रेट परिसर में ही बिताई। गुरुवार को भोजन के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर में ही खिचड़ी बनाई गई है। आदिवासियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का मुख्य द्वार घेर रखा है। जिससे इस द्वार से आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन जंगल की अवैध कटाई कर रहे बाहरी अतिक्रमणकारियों को खदेड़ नहीं देती तब तक वे जंगल बचाने के लिए आंदोलन करते रहेंगे।

नेपानगर विधायक पर फूटा गुस्सा

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने नेपानगर विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि बीते 6 माह से जंगल कट रहा है, लेकिन एक बार भी विधायक देखने नहीं पहुंची। जब वे ग्रामीणों की समस्या नहीं सुलझा सकती तो उन्हें दोबारा विधायक क्यों बनाएंगे। ग्रामीण महिलाओं ने खुले रूप में कहा कि आने वाले चुनाव में वे इस सरकार और विधायक के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे। ग्रामीण आदिवासियों के इस गुस्से को देखते हुए इस बार नेपानगर क्षेत्र में भाजपा की राह आसान नहीं दिख रही है। महिलाओं ने सुमित्रा देवी शर्म करो के नारे भी लगाए।

सरकार पर लगाया जंगल बेचने का आरोप

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रदेश सरकार पर जंगल बेचने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि जंगल साफ हो जाने के बाद सरकार उद्योगपतियों को यह जमीन दे देगी। यही वजह है की बाहरी अतिक्रमणकारियों को जंगल काटने की खुली छूट दे दी गई है। ज्ञात हो कि जागृत आदिवासी दलित संगठन इससे पहले भी जंगल की सुरक्षा को लेकर आंदोलन कर चुका है। संगठन प्रमुख माधुरी बेन के नेतृत्व में इस बार आर पार की लड़ाई के मूड से ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे हैं।

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