ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट में तय सुनवाई टल गई है, भोपाल में रहवासी इलाकों व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण खड़े हनुमान मंदिर को लेकर बढ़ा विरोध, उमा भारती ने CM से कहा- निकालें बीच का रास्ता मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर,दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार, 36वें दिन कमाई 200 करोड़ के पार PM मोदी के जन्मदिन पर MP सरकार का बड़ा तोहफा, 17 सितंबर से 50 लाख लोगों की होगी फ्री रजिस्ट्री रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026, सीएम विष्‍णु देव साय मुख्‍य अतिथि हाईकोर्ट सख्त, 7 दिन में दिखाने होंगे अनुमति के दस्तावेज, भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रहे मॉल-हो... दिल्ली में नितिन नवीन से नरोत्तम मिश्रा की मुलाकात, एमपी में सियासी हलचल तेज भोपाल मास्टर प्लान को CM Mohan Yadav की सैद्धांतिक मंजूरी,जन्माष्टमी पर जारी हो सकता है ड्राफ्ट नगर निगम ने शुरू की सीलिंग,भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे कमर्शियल अड्डों पर बड़ी कार्रवाई
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के स्कूलों में विदेशी भाषाओं की भी पढ़ाई कर सकेंगे विद्यार्थी

भोपाल। प्रदेश के विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अब फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, रशियन जैसी विदेशी भाषा पढ़ सकेंगे। इसकी शुरुआत आगामी शिक्षा सत्र से होगी। यह वैकल्पिक विषय होगा, जो उन विद्यार्थियों की राह आसान करेगा जो 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई के बाद विदेश में अध्ययन करने की योजना बना रहे हैं। इतना ही नहीं, नए पाठ्यक्रम में तेलगु, कन्नड़, मलयालम जैसी देश के अंदर बोली जाने वाली भाषाओं को भी शामिल किया है। वहीं इस बार से मप्र बोर्ड में 10वीं में विद्यार्थियों को गणित की पढ़ाई दो पैटर्न में करने का अवसर दिया जाएगा। ये सभी बदलाव नई राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे हैं।

10वीं में गणित में दो विकल्प होंगे

10वीं के विद्यार्थियों के लिए गणित के दो विकल्प बेसिक व स्टैंडर्ड होंगे। ऐसे विद्यार्थी जो आगे गणित विषय का अध्ययन नहीं करना चाहते हैं, उन्हें बेसिक गणित चुनना होगा। वहीं ऐसे विद्यार्थी जो गणित विषय से ही आगे अध्ययन करना चाहते हैं, उनके लिए स्टैंडर्ड गणित का विकल्प पूर्व की तरह उपलब्ध रहेगा।

अतिथि शिक्षकों को भी रखा जाएगा

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संगीत, क्षेत्रीय और विदेशी भाषा को जोड़ा जा रहा है। इसके लिए अगर स्कूलों में नियमित शिक्षक नहीं मिलेंगे तो अतिथि शिक्षकों को रखा जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 50 हजार पद खाली हैं।

मप्र बोर्ड के हाई व हायर सेकंडरी स्‍कूलों में इस शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुताबिक बदलाव किया जा रहा है। इसमें देसी व विदेशी भाषाओं को शामिल किया जा रहा है। विद्यार्थी अपनी पसंद की भाषा का चयन कर सकते हैं।

– श्रीकांत बनोठ, सचिव, माशिमं

Related Articles

Back to top button