अंबानी-अडानी नहीं बेरोजगारी महंगाई और किसानों के मुद्दे ज्यादा बड़े: शरद पवार

उद्योगपति गौतम अदाणी के मुद्दे पर लगातार जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की मांग रही कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने जेपीसी की मांग को गलत बताया है। कहा, अदाणी समूह को हिडनबर्ग रिसर्च द्वारा निशाना बनाया गया था। पवार के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आ गई है। पार्टी ने इसे पवार का निजी बयान करार दिया है।
इस बीच, पूरे घटनाक्रम से भाजपा उत्साहित है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा ‘कांग्रेस के सहयोगियों ने राहुल गांधी के पागल विचारों को खारिज कर दिया’।
क्या कहा था शरद पवार ने
राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि अदाणी मामले की जांच जेपीसी से कराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति इस मुद्दे की पड़ताल कर रही है।
बकौल पवार, ‘ऐसा लगता है कि हिडनबर्ग की रिपोर्ट में अदाणी समूह को निशाना बनाया गया। किसी ने कोई बयान दिया और इससे देश में हंगामा मच गया। इस तरह के बयान पहले भी दिए गए थे, जिन पर शोर-शराबा हुआ। लेकिन, इस बार इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। दरअसल, यह सोचने की जरूरत थी कि किसने यह मुद्दा उठाया है?’
‘रिपोर्ट देने वाले का नाम हमने नहीं सुना था। उसकी पृष्ठभूमि क्या है? जब इस तरह के मुद्दे उठाए जाते हैं, जिनसे देश में हंगामा मचता है, तो उनकी कीमत चुकानी पड़ती है…यह हमारी आर्थिकी को किस तरह प्रभावित करता है? हम इन बातों की अनदेखी नहीं कर सकते और ऐसा लगता है कि यह सब निशाना बनाने के लिए किया गया।’
पवार के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने शरद पवार के इस बयान से असहमति जताई। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राकांपा के अपने विचार हो सकते हैं, लेकिन समान विचारधारा वाले 19 विपक्षी दल मानते हैं कि प्रधानमंत्री से जुड़ा अदाणी समूह का मुद्दा वास्तविक और बहुत गंभीर है।
जयराम ने यह भी कहा कि राकांपा समेत समान विचारधारा वाले सभी 20 विपक्षी दल एकजुट हैं और संविधान एवं लोकतंत्र को भाजपा के हमलों से बचाने के लिए संगठित हैं। ये सभी भाजपा के विभाजनकारी और विनाशकारी राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक एजेंडे को हराने में एक साथ होंगे।

