रानी कमलापति पर नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के बयान पर गरमाई सियासत सीएम शिवराज बोले- मैडम सोनिया दें जवाब

भोपाल। रानी कमलापति पर नेता प्रतिपक्ष डा. गोविन्द सिंह के बयान पर सियासत गरमा गई है। डा. गोविंद सिंह ने भिंड में आंबेडकर जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम के मंच से कहा था कि रानी कमलापति को कोई नहीं जानता, भाजपा ढूंढ-ढूंढकर नाम रख रही है। उनके इस बयान पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया। रविवार को सीएम ने स्मार्ट पार्क में पौधारोपण के बाद मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोनिया गांधी से इस मामले में जवाब मांगा है।
सीएम शिवराज ने कहा- मुझे आश्चर्य है कि कांग्रेस केवल एक ही नाम जानती है – गांधी खानदान वह भी नेहरू खानदान है। उस खानदान के अलावा कोई महापुरुष हुआ ही नहीं है। मुझे आश्चर्य है कि रानी कमलापति भोपाल की अंतिम हिंदू शासक थी, गोंड रानी थी, स्वाभिमानी थी, स्वधर्म पर मरने वाली थी। सुशासन उन्होंने दिया और जब चल से कपट से उन्हें यह लगा कि दोस्त मोहम्मद खान की सेना जीत जाएगी तो उन्होंने यहां छोटे तालाब में जल समाधि ली थी यह छोटे तालाब, बड़े तालाब के पानी में आज भी उनके बलिदान की गूंज सुनाई देती है।हम तो बचपन से पढ़ते थे, ताल तो भोपाल ताल और सब तलैया हैं रानी तो कमलापति, यहां के बच्चों ने पढ़ा है। यह कमला पार्क किसके नाम पर रखा गया है कांग्रेस बताएं…?
सीएम शिवराज ने आगे ककहा कि कांग्रेस ने कभी भी क्रांतिकारियों का, देश के महापुरुषों का कभी सम्मान नहीं किया है। नेहरू जी, इंदिरा जी, राहुल जी बस। मुझे यह कहते हुए गर्व है भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद सब महापुरुष और क्रांतिकारियों को महिमामंडित करने का उनके बलिदान को और उनके कामों को सामने लाने का प्रयास चल रहा है और इसलिए हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया।
सीएम शिवराज ने नेता प्रतिपक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केवल एक खानदान का नाम जपने वालो, कम से कम हमारी गौरव, आदिवासी भाई – बहनों की गौरव, महिला रानी कमलापति का अपमान तो मत करो। तुमने तो उनके नाम पर कुछ किया नहीं। आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है तो तकलीफ हो रही है।मैडम सोनिया गांधी को जवाब देना चाहिए। क्या वो रानी कमलापति को जानती हैं क्या… क्या कांग्रेस का यही दृष्टिकोण है। यह अपमान प्रदेश के आदिवासी भाई बहनों का अपमान है। यह अपमान एक प्रतापी महिला जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया उनका अपमान है। हमारी संस्कृति जीवन मूल्य और परंपराओं का अपमान है इस अपमान को प्रदेश और देश सहन नहीं करेगा।
अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद एमपी में सीएम शिवराज की सुरक्षा व्यवस्था सख्त
उधर, उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में पुलिस हिरासत में सरेआम माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या के बाद मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। नई व्यवस्था अनुसार अब भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में सीएम के पौधारोपण प्रोग्राम में मीडियाकर्मियों को एंट्री से पहले पहचान पत्र दिखाना होगा। इसके अलावा मीडियाकर्मियों का पुलिस सत्यापन भी किया जाएगा।


