सिंधी साहित्य अकादमी ने राज्यस्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गीत-संगीत कार्यक्रम हुआ

भोपाल। मध्यप्रदेश सिंधी साहित्य अकादमी ने साहित्यकारों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। उन्होंने इस अवसर पर लेखन, गायन और नाट्य अभिनय क्षेत्र में सिंधी साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2019, 2020 और 2021 के लिए चयनित प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया।
मंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाली और आध्यात्मिक क्षेत्र की सिंधी समाज की विभूतियों पर पाठ्य सामग्री तैयार करने के संबंध में प्राप्त सुझावों का क्रियान्वयन किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत मातृ भाषाओं को महत्व दिया जा रहा है। इस नीति के अंतर्गत सिंधी भाषा से संबंधित पाठ्य सामग्री को भी स्थान दिया जाएगा। डॉ यादव ने कहा कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भारतीय भाषाओं में सिंधी भी शामिल है। इस नाते राज्य सरकार इस संबंध में प्राप्त सुझावों पर आवश्यक निर्णय लेगी। प्रारंभ में उच्च शिक्षा मंत्री डा. यादव ने भगवान झूलेलाल की प्रतिमा पर दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उज्जैन सिंधी समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और जन समुदाय एकत्र हुआ। मध्य प्रदेश सिंधी साहित्य अकादमी के निदेशक राजेश वाधवानी ने अतिथियों का स्वागत किया।
इन लेखकों और कलाकारों को मिला पुरस्कार
संत शिरोमणि हिरदाराम सहित्य गौरव सम्मान से वर्ष 2019 के लिए श्री अमर गोपलाणी, इंदौर, वर्ष 2020 के लिए के.टी. दादलाणी, भोपाल और वर्ष 2021 के लिए भगवान बाबाणी, भोपाल को पुरस्कृत किया गया। इस पुरस्कार में चयनित लेखक /लेखिका को एक लाख रुपए की सम्मान निधि, शाल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाता है। मुख्य अतिथि डॉ यादव ने संत शिरोमणि हिरदाराम साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित विभूतियों और अन्य सभी श्रेणी के पुरस्कृत रचनाकारों और कलाकारों को बधाई दी।
संस्कृति विभाग की सिंधी साहित्य अकादमी से श्रेष्ठ गद्य और पद्य कृतियों के लिए पुरस्कार दिए गए। गद्य श्रेणी में कृष्ण खटवाणी श्रेष्ठ कृति पुरस्कार वर्ष 2019 के लिए गोप गोलाणी, इंदौर को उनकी कृति ‘जोगण जी प्रीत’ के लिए, वर्ष 2020 के लिए आसुदो लच्छवाणी को उनकी कृति ‘सुहिणो सुपिनो” के लिए , वर्ष 2021 के लिए डॉ नादिया मसंद, इंदौर को उनकी कृति, “मां, मिंटो एं नफसियत” के लिए पुरस्कृत किया गया। इसी तरह खियलदास बेगवाणी श्रेष्ठ कृति पुरस्कार (पद्य) के अंर्तगत वर्ष वर्ष 2019 के लिए श्रीमती रश्मि रामाणी, इंदौर को उनकी कृति, “मां हिक सिन्धिण “के लिए, वर्ष 2020 के लिए कन्हैयालाल मोटवाणी “मांदो”, भोपाल को उनकी कृति, “आस जा कख” के लिए और वर्ष 2021 के लिए नंदकुमार सनमुखाणी, भोपाल को उनकी कृति, “नवां पन” के लिए पुरस्कृत किया गया।
अकादमी द्वारा वर्ष 2019 के लिए भगवंती नावाणी श्रेष्ठ गायिका पुरस्कार श्रीमती सरला नागदेव भोपाल, वर्ष 2020 के लिए निशा चेलाणी, इंदौर और वर्ष 2021 के लिए प्रिया ज्ञानचंदाणी, भोपाल को दिया गया। मास्टर चंद्र श्रेष्ठ गायक पुरस्कार से वर्ष 2019 के लिए श्री गोवर्धन उदासी, कटनी का चयन हुआ, जो पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं हो सके। वर्ष 2020 के लिए रमेश तनवाणी, भोपाल और वर्ष 2021 के लिए डी लालवाणी, भोपाल को सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ युवा लेखक के रूप में वर्ष 2019 के लिए पुरस्कृत गुलाब लधाणी, डबरा, वर्ष 2020 के लिए राकेश शेवाणी, भोपाल और वर्ष 2021 के लिए किरण परियाणी, इंदौर को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में श्रेष्ठ नाट्य निर्देशक/ कलाकार भी सम्मानित किए गए। इनमें वर्ष 2019 के लिए परसो नाथाणी, भोपाल, वर्ष 2020 के लिए ओपी आसूदाणी, भोपाल और वर्ष 2021 के लिए श्रीमती कविता इसराणी भोपाल का चयन किया गया। इनमें से ओपी आसूदाणी के दिवंगत हो जाने के फलस्वरूप उनके प्रतिनिधि ने पुरस्कार प्राप्त किया। नाथाणी और इसराणी को मंत्री डॉ यादव ने पुरस्कार प्रदान किए।
चेटीचंड पर्व पर सांस्कृतिक संध्या भी हुई। निशी धामेजा, अरूधन बत्रा, नागपुर, प्रिया ज्ञानचंदाणी, सरला नागदेव भोपाल ने अनेक आराधना गीत और भजन सुनाए। नृत्य प्रस्तुतियां भी हुईं। कार्यक्रम में सिंधु जागृत समाज के अध्यक्ष दौलत खेमचंदानी, गोपाल बलवानी, संयोजक महेश परियानी, संतोष लालवानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।


