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मध्यप्रदेश

मैंगो बम के निर्माण पर खर्च होंगे करीब 500 करोड़ अक्टूबर तक रवाना होगा पहला लाट

जबलपुर। आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया को नए वित्तीय वर्ष के लिए 3000 करोड़ रुपये का उत्पादन लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें से करीब 500 करोड़ का लक्ष्य टैंक भेदी मैंगों बमों के लिए मिला है। इसके अलावा भी अनेक प्रकार के उत्पादों के लिए भरपूर टारगेट एमआइएल की ओर से मिला है। ओएफके प्रबंधन का कहना है कि नए सत्र के लिए मिला टारगेट निर्माणी काे और भी ऊंचाई प्रदान करेगा। बीते सत्र के दौरान आयुध निर्माणी खमरिया में उत्पादन की स्थिति विभिन्न कारणों से संतोषजनक नहीं रही, लेकिन नए सत्र में एमआइएल प्रबंधन ने ओएफके पर बड़ा विश्वास जताया है। इस सत्र में टैंक भेदी बम मैंगो का बड़ा आर्डर मिला है। इसके अलावा 30 एमएम कार्टेज, 84 एमएम बम और 155 पीडीएम फ्यूज का उत्पादन होना है। मैंगों बमाें का पहला लाट अक्टूबर माह तक रवाना होने की पूरी उम्मीद है। इन बमों की सप्लाई भारतीय सेना को की जाएगी। 155 पीडीएम फ्यूज विदेश के लिए भेजे जाएंगे। प्रबंधन का कहना है कि प्रयास किया जा रहा है कि आने वाले एक-दो महीनों में ही कच्चे माल का पर्याप्त इंतजाम करा लिया जाए।

बढ़ सकता है वर्क आर्डरः

अफसरों का कहना है कि नए सत्र में फिलहाल उत्पादन लक्ष्य 3000 करोड़ रुपये का है, जिसे काम समय पर पूरा होने की स्थिति में और भी आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि निर्माणी का इंफ्रास्ट्रक्चर नए लक्ष्य को हासिल करने के लिए उपयुक्त है।

बड़ा विध्वंसक है मैंगो बमः

मैंगो बम भारत और रूस के बीच हुए टीओटी (ट्रांसफर आफ टेक्नालाजी) करार के तहत बनाया जा रहा है। इस बम के अगले हिस्से में एक चक्र लगा होता है, जो टैंक की 15 एमएम मोटी चादर को भेद कर अंदर प्रवेश करता है और फिर दूसरा हिस्सा टैंक के भीतर ही विस्फोट करके टैंक के परखच्चे उड़ा देता है। इन बमों का इस्तेमाल बहुधा वायुसेना करती है, लेकिन इसे राकेट लान्चर और टैंक के माध्यम से भी किया जा सकता है।

इन्होने यह कहा..

नए सत्र के लिए तीन हजार करोड़ का उत्पादन लक्ष्य मिला है। इसमें से करीब 500 करोड़ रुपये मैंगो बम के लिए हैं। इसके अलावा 300 एमएम कार्टेज और 84 एमएम बम भी बनाए जाएंगे। पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल मई महीने के अंत तक मंगवाने की कोशिश की जा रही है।

-अशोक कुमार, महाप्रबंधक, ओएफके

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