बहस से पहले ही किनारा कर गये भाजपा सांसद पार्टी के निर्देश पर आप विधायक से नहीं उलझे

अहमदाबाद। आदिवासी इलाकों में विकास के मुद्दे पर भाजपा सांसद एवं आप विधायक ने एक दूसरे से बहस करते हुए बहस की चुनौती दे बैठे। तय समय पर आप विधायक चैतर वसावा तो बहस के लिए तैयार नजर आए लेकिन सांसद मनसुख वसावा ने व्यस्त होने का बहाना कर बहस से किनारा कर लिया। पार्टी के निर्देश पर उन्होंने ऐसा किया, ऐसी अटकलें है।
गुजरात की आदिवासी बहुल डेडियापाडा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा पहली बार विधायक बने हैं, इससे पहले वे भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक छोटूभाई वसावा के सहायक थे। विधायक बनने के बाद से चैतर भाई आदिवासियों के मुद्दे पर सक्रिय रहने के साथ सरकार की आदिवासी कल्याण योजनाओं को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर हमलावर रहते हैं।
भरुच संसदीय सीट से भाजपा सांसद मनसुख वसावा से उनकी तनातनी रहती है, गतदिनों सांसद वसावा ने आदिवासी विकास पर बहस के लिए चैतर वसावा को खुली चुनौती दी तो सांसद के बताए समय व पते पर विधायक वसावा ने आने की हामी भर दी।
शनिवार सुबह 11 बजे राजपीपला के गांधी मैदान में भाजपा सांसद व आप विधायक में बहस होनी थी लेकिन ऐन मौके पर सांसद ने व्यस्त होने का बहाना कर बहस से किनारा कर लिया। उधर विधायक वसावा ने आरोप लगाया कि आदिवासी योजनाओं के लिए सरकार की ओर से जारी ठेके सांसद के करीबी लोग लेते हैं और विकास के बदले आदिवासी कल्याण के लिए आए अनुदान की बंदर बांट करते हैं।
आदिवासी कल्याण कार्यक्रमों में अकेले राज्य सरकार बीते दो दशक में एक लाख करोड रु से अधिक की राशि खर्च कर चुकी है, लेकिन आप विधायक का आरोप है कि आदिवासियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। चैतर वसावा ने यह भी दावा किया वे दस्तावेज के साथ बहस में आने को तैयार हैं लेकिन डेडियापाडा से निकलते ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया हालांकि उनके कई साथी व पार्टी नेता मय दस्तावेज गांधी मैदान पहुंचकर भाजपा सांसद का इंतजार करते देखे गये।

