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मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधायक हुए शामिल, भोपाल में आयोजित हुआ युवा विधायक सम्मेलन

राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी -सीएम यादव

सम्मेलन में लोकतंत्र में भागीदारी और विकसित भारत 2047 के विजन तक पहुंचने पर मंथन किया जा रहा है। - Dainik Bhaskarभोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन आयोजित किया गया. जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं और हमारी लंबी विरासत है. उस विरासत को देखते हुए हमारी दोहरी जवाबदारी है. जनता के बीच बने रहने के लिए विधानसभा और जिले में भी हमारी भूमिका है. जनता के दिलों पर राज करते रहें. विनम्रता को बनाए रखें. वहां की अच्छाईयों को भी समझें और कमजोरी को भी समझें. युवा सम्मेलन में मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान और छत्तीसढ़ के 36 विधायक शामिल हुए हैं.

विधायक व्यवस्थित प्लानिंग रखें

विधानसभा परिसर में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि “सबसे ज्यादा जरूरी है कि हमारे अपने कार्य क्षेत्र विधानसभा में हमारी भूमिका बनी रहे. जब अंग्रेज देश को छोड़कर जा रहे थे, जो उन्होंने बहुत षड़यंत्र करके सभी रियासतों को आजाद कर दिया, उन्होंने सोचा था कि देश की स्थिति बुरी हो जाएगी, लेकिन आज विश्व की महाशक्तियों में हमारा स्थान है. लोकतंत्र में भी दूसरे देश हमसे सीख रहे हैं.

ऐसे में युवा विधायकों से कहना चाहता हूं कि राजनीतिक क्षेत्र में काम करते समय क्षेत्र में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी ध्यान रखें. अपनी व्यवस्थित प्लानिंग होनी चाहिए. अध्ययन के लिए भी समय रखना चाहिए. मैं तमाम व्यस्तताओं के बाद भी स्वाध्याय और व्यायाम के लिए पर्याप्त समय रखता हूं. अपने शरीर की भी चिंता रखें. यह जरूरी है कि बतौर राजनेता क्षेत्र में आने वाले किसी समस्या का आप समाधान कैसे खोज रहे हैं.”

सोशल मीडिया में हर बात का जवाब है, लेकिन जरूरी नहीं है कि सोशल मीडिया में आपके खिलाफ कुछ चल रहा है, तो हर बात का जवाब दिया जाए. समाज में यदि सकारात्मक छवि होगी तो पार्टी की भी मजबूरी बन जाती है कि उसे टिकट दिया जाए.”

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि “सोशल मीडिया पर ही सक्रिय न रहें, क्योंकि सोशल मीडिया से सिर्फ परसेप्शन पता चलता है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है कि आप लोगों के दिलों से जुड़ें. चुनाव जीतना कोई कला नहीं है. क्षेत्र में यदि संबंध दिल से बने हैं और दिल से क्षेत्र में काम किया है तो चुनाव कभी नहीं हारेंगे.”

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