‘धार का भोजशाला मंदिर है…’ हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग पर लगाई मोहर
धार भोजशाला के बाहर हिंदुओं का जश्न, खेली होली, भजनों पर झूमे

भोजशाला पर बड़ा फैसला आ गया है. भोजशाल को लेकर हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर के मामले में अपनी टिप्पणी में कहा था कि विवादित स्थल पर धार के परमार राजाओं के शासनकाल की एक विशाल संरचना पहले से विद्यमान थी और वहां वर्तमान में मौजूद संरचना मंदिरों के अवशेषों से बनाई गई थी.
वादित स्थल को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है
गौरतलब है मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित स्थल को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है. एएसआई द्वारा संरक्षित विवादित स्थल को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है. इससे पहले विवादित स्थल की तह में जाने के लिए एएसआई ने वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था और 2,000 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट तैयार की थी.
MP हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में 6 अप्रैल से हो रही है नियमित सुनवाई
मामले की सुनवाई मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में हो रही है. इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी के समक्ष सुनवाई के दौरान एएसआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने विवादित परिसर में दो साल पहले किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण का विस्तृत ब्योरा पेश किया.


